पूर्वांचल के कई जिलों में एआरटीओ द्वारा एजेंट के जरिए की जा रही वसूली के मामले की जांच में एसआईटी को अहम सुबूत मिले हैं। पूर्व में एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए एजेंट के पास से बरामद रजिस्टर और फोन खंगालने के बाद एसआईटी को डेढ़ दर्जन एआरटीओ को वसूली की रकम पहुंचाई गई। इन सुबूतों को और पुख्ता करने के लिए एसआईटी जल्द ही उक्त सभी एआरटीओ और उनके लिए काम करने वाले परिवहन विभाग के सिपाहियों को पूछताछ के लिए बुलाएगी।
प्रदेश के जिन 18 जिलों में एआरटीओ द्वारा वसूली की जांच एसआईटी कर रही है उसमें गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, मऊ, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और प्रयागराज जिले शामिल हैं। इन जिलों के एआरटीओ द्वारा वसूली की जा रही थी। हर जिले का प्रति ट्रक वसूली का अलग अलग रेट तय था। यह रेट 1000 रुपये प्रति ट्रक से लेकर 3 हजार रुपये प्रति ट्रक प्रति चक्कर तक था। पैसों की वसूली के लिए बकायदा एजेंट रखे गए थे, जो पांच प्रतिशत कमीशन पर वसूली करते थे।
वसूली गई रकम एआरटी द्वारा बताए गए ठिकानों पर पहुंचा दी जाती थी। एसआईटी ने वह पूरे लिंक निकाल लिए हैं जिसमें पैसों की पूरी ट्रेल मौजूद है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही एसआईटी एक-एक करके एआरटीओ और परिवहन विभाग के सिपाहियों को बुलाएगी और साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करेगी।