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72 घंटे में IAS अनुराग तिवारी की मौत का सच सामने लाएगी SIT

Fri, 19 May 2017 02:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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आईएएस अनुराग तिवारी
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कर्नाटक काडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी (35) की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए एसएसपी दीपक कुमार ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है। सीओ हजरतगंज अवनीश मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी 72 घंटे में जांच करके रिपोर्ट सौंपेगी।
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आईएएस अधिकारी के दो मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। एसएसपी ने बताया कि आईएएस अधिकारी के परिवारीजनों ने मौत को लेकर कई सवाल उठाए हैं।

उन्होंने जांच की मांग की जिस पर एसआईटी गठित करके रिपोर्ट मांगी गई है। सीओ हजरतगंज के नेतृत्व में गठित एसआईटी में इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद कुमार शाही, इंस्पेक्टर गाजीपुर गिरजा शंकर त्रिपाठी, इंस्पेक्टर हसनगंज उदवीर सिंह और एसओ मड़ियांव अंजनी कुमार पांडेय को रखा गया है। यह टीम आईएएस के लखनऊ आने से उनकी मौत तक के हर कदम की पड़ताल करेगी।
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जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस बीच बुधवार आधी रात के बाद परिवारीजन शव लेकर बहराइच पहुंचे जहां बृहस्पतिवार सुबह दस बजे अंतिम संस्कार किया गया।

जन्मदिन की बधाई से भरा पड़ा था वॉट्सएप का मैसेज बॉक्स
हजरतगंज पुलिस गेस्टहाउस में चार्जिंग पर लगे आईएएस के दो मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, एसएमएस और वॉट्सएप मैसेज खंगाल रही है। एसएसपी का कहना है कि वॉट्सएप पर आईएएस के जन्मदिन की बधाई के सैकड़ों मैसेज मिले। फोन के कॉल लॉग में आईएएस की मां, परिवार के अन्य सदस्यों, दोस्तों व करीबियों के नंबर मिले हैं। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन की बीते एक महीने की कॉल डिटेल निकलवाई है।

शहर में ठहरे कर्नाटक के लोगों की पड़ताल

- फोटो : amar ujala
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि आईएएस के परिवारीजनों ने कर्नाटक में फूड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर्स अफेयर्स डिपार्टमेंट में 2000 करोड़ रुपये के घोटाले की शिकायत करने पर हत्या का आरोप लगाया है।

परिवारीजनों का कहना है कि घोटाले की शिकायत के कारण कर्नाटक सरकार और कई वरिष्ठ अधिकारी अनुराग से परेशान थे। उसकी हत्या की साजिश कर्नाटक में ही रची गई। वहां से आए लोगों ने उसकी मौत का खेल खेला है।

एसएसपी का कहना है कि परिवारीजनों के आशंका जताने पर बीते एक सप्ताह के दौरान कर्नाटक से लखनऊ आए लोगों की पड़ताल की जा रही है। वहां से कितने लोग कब आए और कहां ठहरे? इन लोगों के लखनऊ आने की वजह क्या थी? इस बारे में पता लगाया जा रहा है।

बंगलूरु के कमिश्नर ने एसएसपी से ली घटनाक्रम की जानकारी
बंगलूरु के कमिश्नर अतुल तिवारी ने फोन कर आईएएस अनुराग तिवारी की मौत के बारे में एसएसपी से जानकारी ली। कमिश्नर ने अनुराग के लखनऊ आने से रात को दोस्तों के साथ डिनर करने के लिए आर्यन रेस्टोरेंट जाने, वहां से गेस्टहाउस लौटने और बुधवार सुबह गेस्टहाउस से निकलने के बारे में पूछा।
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कर्नाटक के अधिकारियों ने हजरतगंज पहुंचकर की पड़ताल

- फोटो : amar ujala
आईएएस अधिकारी की संदिग्ध हालात में मौत की जांच के लिए कर्नाटक के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिराम शंकर और पंकज कुमार पांडेय भी लखनऊ पहुंच गए हैं। सीएम सिद्धरमैया के आदेश पर आए दोनों आईएएस अधिकारियों ने शासन के अधिकारियों से मुलाकात के बाद अपनी पड़ताल शुरू की।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि अधिकारी हजरतगंज कोतवाली भी गए थे। उनके साथ एसटीएफ की टीम भी थी। घटना की सूचना पुलिस कंट्रोलरूम को देने वाले, सूचना पर सबसे पहले घटनास्थल पहुंचने वाली मूवर्स बाइक के पुलिसकर्मी और हजरतगंज कोतवाली के पुलिसकर्मियों से अधिकारियों ने संपर्क किया।

जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया विसरा
एसएसपी ने बताया कि हजरतगंज पुलिस ने बृहस्पतिवार दोपहर विसरा की जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है।

फोरेंसिक विभाग के डायरेक्टर एसबी उपाध्याय से जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट देने का आग्रह किया गया है। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि विसरा की जांच में दो दिन से एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।
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