सिख दंगों की जांच कर रही एसआईटी आठ गवाहों से पूछताछ के लिए पंजाब गई है। स्थानीय पुलिस ने जिन मामलों में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी, उनमें से 19 केसों की जांच में एसआईटी ने ये गवाह तलाश किए हैं।
पिछले दिनों राज्य सरकार ने सिख दंगों को लेकर एसआईटी की जांच अवधि छह माह के लिए और बढ़ाई थी। इसके बाद एसआईटी ने जांच की गति बढ़ा दी है। वह पंजाब जाकर इस केस के आठ गवाहों के बयान दर्ज करेगी। एसआईटी अन्य मामलों में भी सामने आए गवाहों का कानपुर में बयान दर्ज कर रही है। कुछ चश्मदीदों के बयान दर्ज भी किए जा चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी चश्मदीद गवाहों की मदद से घटनाक्रम को समझने के लिए सीन रीक्रिएट करेगी। कुछ केस ऐसे हैं जिनमें दो से तीन आरोपी समान हैं। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि अलग-अलग घटनाएं जो एक-दूसरे से काफी दूर हुईं, उनमें आरोपी समान कैसे हो गए।
1984 के सिख दंगों में कानपुर में 127 लोगों की जान गई थी। इसे लेकर कानपुर में 1251 मुकदमे दर्ज हुए थे। तमाम मामलों में पुलिस ने साक्ष्य व गवाह न मिलने के आधार पर क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। एसआईटी 40 मामलों की जांच कर रही है। इनमें 29 में पुलिस क्लोजर रिपोर्ट लगा चुकी है।