प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों के निजी सचिवों के स्टिंग ऑपरेशन के मामले में एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने संबंधित समाचार चैनल से स्टिंग का पूरा वीडियो मांगा है। टीम जल्द ही एसआईटी स्टिंग करने वाले पत्रकार और तीनों निजी सचिव से पूछताछ कर सकती है।
मालूम हो कि पिछले दिनों एक निजी चैनल ने तीन मंत्रियों ओमप्रकाश राजभर, अर्चना पांडेय और संदीप सिंह के निजी सचिवों का स्टिंग ऑपरेशन किया था जिसमें ट्रांसफर के नाम पर 40 लाख रुपये और ठेके दिलाने के लिए करोड़ों रुपये की मांग करने का दावा किया गया है।
स्टिंग ऑपरेशन के प्रसारित होने के बाद सरकार ने तीनों निजी सचिवों को निलंबित कर दिया था। इनके खिलाफ हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराकर जांच एसआईटी को सौंप दी गई है।
हालांकि, एसआईटी के प्रमुख राजीव कृष्ण ने जांच संबंधी कोई भी जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, इस संबंध में जिन मंत्रियों के निजी सचिवों का स्टिंग ऑपरेशन हुआ था, उनमें से संदीप सिंह और अर्चना पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपना पक्ष रखा है।
निजी सचिव के स्टिंग ऑपरेशन में फंसने के मामले में मैंने सीएम से मिलकर अपनी बात रखी थी। सीएम ने जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। यह प्रकरण मेरी जानकारी में पहले नहीं आया था। भविष्य में इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।
- संदीप सिंह, प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा राज्यमंत्री
निजी सचिव के स्टिंग ऑपरेशन में फंसने के मामले में मुख्यमंत्री पहले ही कड़ी कार्रवाई कर चुके हैं। मुख्यमंत्री हमारे परिवार के मुखिया हैं, इसलिए कोई मामला सामने आने पर मैं उनसे जरूर मिलती हूं। स्टिंग ऑपरेशन का मामला आने के बाद भी मिली थी।
-अर्चना पांडेय, खनन एवं आबकारी राज्यमंत्री