लखनऊ। शाम दर शाम जलेंगे तेरी यादों के चिराग, नस्ल दर नस्ल उजालों की गवाही देंगे....। मजाज लखनवी के इस शेर के साथ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के 207वें जन्मदिन पर उन्हें याद किया गया। सर सैयद डे पर कार्यक्रम में अल अमीन मिशन के संस्थापक एम नूरुल इस्लाम को पद्मभूषण डाॅ. कल्बे सादिक मेमोरियल अवाॅर्ड फाॅर एक्सीलेंस इन एजुकेशन से सम्मानित किया गया।
एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जस्टिस शबीहुल हसनैन ने सर सय्यद की आखिरी वसीयत का जिक्र करते हुए कहा कि जिन हालात से सर सैयद ने एक साइंटिफिक सोसाइटी बनाई और उसके बाद एक मदरसा बना फिर एक काॅलेज और फिर विश्वविद्यालय में तब्दील हुआ। उन्होंने प्रस्तावित सर सैयद मिशन स्कूल की सराहना करते हुए कहा कि जब आप आगे बढ़ेंगे तो धन की व्यवस्था अपने आप होगी।
पद्मभूषण डाॅ. कल्बे सादिक मेमोरियल अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन एजुकेशन से सम्मानित होने वाले अल अमीन मिशन के संस्थापक एम नूरुल इस्लाम ने कहा कि हमें रामकृष्ण मिशन को देखकर शिक्षा के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा मिली थी। एएमयू के संगीतकार व कवि जॉनी फॉस्टर ने कहा कि लखनऊ में जिस स्कूल की बुनियाद रखी गई है, सर सैयद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। नसीमुद्दीन बिल्ग्रामी, अनवरजहां, ताहिर हुसैन आब्दी, एसएम इल्यास सफवी को अमूबा लखनऊ स्टालवार्ट अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया। संचालन हिना जाफरी और शेख मोहम्मद तारिक ने मेहमानों का धन्यवाद किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो शकील किदवई, एसोसिएशन के सेक्रेटरी एसएम शोएब, पूर्व आईएएस अनीस अंसारी, पूर्व डीजीपी रिजवान अहमद, पूर्व आईएएस शफकत कमाल, पूर्व आईआरएस तल्हा, आईएएस शाहिद मंजर अब्बास रिजवी, पूर्व मंत्री मुईद अहमद, पूर्व जज एसएम हसीब, डाॅ. कल्बे सिब्तैन नूरी, तारिक सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।