लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने जा रहा है। इसके लिए इस साल वेलफेयर फंड के तहत ली जाने वाली फीस में कुछ राशि बढ़ाई जाएगी। इसके बाद विद्यार्थियों को इमरजेंसी और ओपीडी में निशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा इसी सत्र से शुरू होने वाली है।
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान ने बीते दिनों अपने यहां विद्यार्थियों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने की शुरुआत की है। इसे देखते हुए केजीएमयू ने भी इसके विकल्प पर विचार किया। काफी मंथन के बाद विद्यार्थियों को बीमा सुविधा के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने पर सहमति बनी। इसके बाद तय किया गया कि एमबीबीएस विद्यार्थियों से छात्र कल्याण कोष की फीस एक हजार के स्थान पर 2500 रुपये, बीएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों से 500 के स्थान पर 1500 रुपये फीस ली जाएगी। अधिष्ठाता छात्र कल्याण की ओर से मिले प्रस्ताव के बाद कार्यपरिषद ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। अब यह व्यवस्था व्यवहार में लागू होने जा रही है। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल संकाय के विद्यार्थियों को ही मिलेगी। पीजी और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के स्टूडेंट्स को यह सुविधा नहीं मिलनी है। असल में इन विद्यार्थियों को स्टाइपेंड के तहत अच्छी राशि मिलती है। इसलिए इनको इस योजना से बाहर रखा गया है।
नाममात्र की अतिरिक्त फीस ली जाएगी
कार्य परिषद से मंजूरी के बाद एमबीबीएस, पैरामेडिकल और बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थी आईपीडी और ओपीडी में निशुल्क चिकित्सा के पात्र होंगे। इसके लिए उनसे छात्र कल्याण कोष में नाममात्र की अतिरिक्त फीस ली जाएगी।
- प्रो. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू