एसआईआर का फार्म भरते बीएलओ।
प्रत्येक बीएलओ को कम से कम एक हजार मतदाताओं का फॉर्म भरवाकर जमा करना है। जिस भी बीएलओ से बात करो, वह यह जरूर कहता है कि 30 दिनों में इतने मतदाताओं से संपर्क कर फॉर्म भरवाना और फिर जमा करवाना बहुत ही टेढ़ी खीर है। इसमें पार्षद, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की मदद भी ली जा रही है। लक्ष्य पूरा न होने पर फटकार का डर भी रहता है।
एक से बढ़कर एक समस्याएं
जो शिक्षक बीएलओ के रूप में काम कर रहे हैं, उनमें से मोहनलालगंज और काकोरी में तैनात बीएलओ ने बताया कि दवाइयां खाकर काम करना पड़ रहा है। एक घंटा स्कूल में पढ़ाना भी है और फिर फॉर्म भी भरवाने हैं। व्यक्तिगत जीवन भी प्रभावित हो रहा है। मलिहाबाद के बीएलओ ने बताया कि संसाधन की कमी है। तमाम लोग घरों में नहीं मिल रहे हैं। कृषि के काम में लगे हैं। ग्रामीणों से फाॅर्म भरवाना सबसे बड़ा काम है। सरोजनीनगर के बीएलओ ने बताया कि एप सही से काम नहीं करता, जिससे अपडेट करने में दिक्कत होती है।