लखनऊ। एसआईआर प्रक्रिया के तहत सेवानिवृत्त आईजी जैसे विशिष्ट नागरिक को भी नोटिस थमा दिया गया है। मंगलवार को बारिश के बीच 78 वर्षीय रिटायर्ड आईजी (फायर सर्विस) अभय शंकर सुनवाई के लिए विकास भवन पहुंचे। विडंबना यह रही कि भवन की लिफ्ट खराब होने के कारण उन्हें बुजुर्ग अवस्था में भी तीसरी मंजिल तक सीढ़ियों के सहारे पहुंचना पड़ा।
इंदिरानगर निवासी अभय शंकर ने बताया कि उन्होंने आवेदन के समय मतदाता पहचान पत्र लगाया था, लेकिन वर्ष 2003 की मतदाता सूची से उसका मिलान न होने के कारण उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। उन्होंने सभी जरूरी कमियां पूरी कर दी हैं।
वहीं, उद्यान विभाग के कर्मचारी बी. देवेंद्र को भी नोटिस मिला, जिनका कहना था कि 2003 में वह नाबालिग थे, उसी वर्ष उनके पिता का निधन हो जाने के कारण उनका भी नाम मतदाता सूची में नहीं था। मां का नाम था, जिसके अभिलेख लगाए थे, फिर भी नोटिस मिला।
बारिश ने रोकी सुनवाई की रफ्तार
मंगलवार को सुबह से हो रही बारिश के कारण सुनवाई केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। विकास भवन में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 447 लोगों को बुलाया था, लेकिन केवल 65 लोग ही पहुंच सके। वहीं, हुसैनाबाद ट्रस्ट में सुनवाई कर रहे जिला कृषि अधिकारी तेगबहादुर सिंह ने 300 लोगों को नोटिस दिया था, लेकिन यहां भी संख्या बेहद कम रही।
नोटिस का लक्ष्य 8.99 लाख, जारी 4.61 लाख
जिले में मतदाता सूची से जुड़े सत्यापन अभियान के तहत अब तक 8,99,781 नोटिस जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें मंगलवार तक 4,61,025 लोगों को नोटिस जनरेट किया जा चुका है। इनमें से 2,89,316 नोटिस संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाए भी जा चुके हैं, जबकि 1,71,709 नोटिस अभी वितरण के लिए लंबित हैं। सबसे अधिक नोटिस बख्शी का तालाब, सरोजनीनगर और लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में जनरेट हुए हैं।
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जिले भर में अब तक 93 हजार से अधिक मामलों की हुई सुनवाई
जिले में अब तक 93,502 मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 1,47,550 मामलों में सुनवाई की तारीख निकल चुकी (डेट लैप्स) दर्ज है। री-शेड्यूल (पुनर्निर्धारित) सुनवाई की संख्या 465 बताई गई है। लखनऊ पश्चिम में सबसे ज्यादा 22,227 सुनवाई हुई हैं, जबकि बख्शी का तालाब में 14,011 और लखनऊ उत्तर में 10,824 मामलों में सुनवाई दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निपटाया जा रहा है।