ट्रांसपोर्ट कंपनी के वेयरहाउस से सिपाही भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र चोरी करने में कामयाब रहे डॉ. शुभम को मंडल को उस वक्त करारा झटका लगा जब प्रदेश सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी। पेपर आउट होने के बाद 19 फरवरी को शुभम ने गैंग में शामिल रवि अत्री को फोन करके 15 लाख रुपये मांगे। रवि ने कहा कि अगर परीक्षा रद्द ने हुई तो रुपये मिल जाएंगे। पर कुछ दिन बाद परीक्षा रद्द हो गई तो उसने रवि को फोन किया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया।
पुलिस के अनुसार पेपर लीक कराने के लिए पांच फरवरी को शुभम कार द्वारा टीसीआई कंपनी खेडा, अहमदाबाद रात 11ः30 बजे पहुंचा। वहां टीसीआई में काम करने वाले रोहित पांडेय, शिवम गिरि मौजूद थे। मौके पर गैंग के मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा ने शुभम को अपना मोबाइल दिया और बॉक्स खोलकर पेपर की फोटो लेने को कहा। शिवम और रोहित उसे सीसीटीवी कैमरों से बचाते हुए खिड़की से अंदर ले गये। वहां दो ट्रंकबॉक्स को शुभम ने पेचकश, प्लास व सूजे की मदद से पीछे से खोला और दो कोड का पेपर निकाल लिया। उसने दोनों कोड के पेपर की फोटो खींच ली। उसके बाद पेपर पुनः पैकेट में रखकर पारदर्शी टेप से चिपकाकर बॉक्स में रखकर उसे पीछे से बंद कर उसी स्थान पर रख दिया।
इसी तरह 8 फरवरी को वह दोबारा पटना से अहमदाबाद आया और उसी तरीके से पेपर निकालकर फोटो खींच ली। चौथे कोड के पेपर आउट कराने के चक्कर में वह 9 फरवरी को भी अहमदाबाद में रुका रहा, लेकिन उस दिन पेपर नहीं आ सका था। जिसके बाद वह वापस पटना लौट गया।