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सिंगल विंडो पोर्टल के जरिए उद्यमियों को करेंगे आकर्षित

Fri, 28 Apr 2017 12:25 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : demo pic
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प्रदेश में उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए बनाई जा रही नई औद्योगिक नीति में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सिंगल विंडो पोर्टल विकसित किया जाएगा। इसी पोर्टल के माध्यम से आवेदन पत्रों को न सिर्फ प्राप्त किया जाएगा बल्कि संबंधित विभागों को भेजा जाएगा।
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह की गुरुवार को योजना भवन में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति में इस बात की व्यवस्था की जाए कि सभी आवेदन पत्रों पर अधिकतम 30 दिन के अंदर निर्णय लिए जाएं।

इसके साथ ही आवेदन पत्रों के समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों के विवादों के निपटारे के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक आर्बिट्रेशन बोर्ड (मध्यस्थता) के गठन करने की बात कही।
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इसके गठन से औद्योगिक इकाइयों को विवादों के निपटारा के लिए उच्च न्यायालय जाने से पहले मध्यस्थता का एक अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि न्याय विभाग से परामर्श कर इसे नई नीति में समाहित किया जाए।
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क्लीयरेंस देने वाले व‌िभाग पोर्टल से जुड़ेंगे

डेमो - फोटो : demo pic
क्लीयरेंस प्रदान करने वाली विभागीय वेबसाइटों को स्टेट सिंगिल विंडो पोर्टल में इंटीग्रेट किया जाएगा। निजी क्षेत्र के औद्योगिक पार्कों में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को कैंपस में ही आवासीय व्यवस्था का प्रावधान किए जाने व अंग्रेजी दवाओं की आवश्यकता एवं खपत को पूरा करने के लिए ‘फार्मा पार्क’ की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इसके अलावा नई नीति में प्रदूषणकारी इकाइयों में अनिवार्य रूप से ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना में आने वाले खर्च को प्रोजेक्ट कास्ट में शामिल किए जाने पर सहमति बनी। उप मुख्यमंत्री ने नई औद्योगिक नीति का ड्राफ्ट तीन मई तक मंत्री समूह के सामने पेश करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री समूह की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि जो औद्योगिक इकाई अपने संस्थान में 200 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगा उसे ईपीएफ में 50 प्रतिशत का अनुदान राज्य सरकार देगी। नई नीति में यह व्यवस्था भी होगी कि जो इकाई गलत प्रमाण पत्र लगाएगी जब भी वह मामला पकड़ में आएगा उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। 

उद्यमियों को प्रदेश में इकाईयों की स्थापना में कोई दिक्कत न हो इसके लिए इनवेस्टमेंट बोर्ड की स्थापना की जाएगी। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उन्हें आवश्यक बुनियादी साधन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाओं को उद्यमियों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आकर्षित हों।

औद्योगिक विकास मंत्री बृहस्पतिवार को विधान भवन स्थित सभाकक्ष में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति बनाने का कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।
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