घंटों प्रतीक्षा के बाद कार्यक्रम के लिए मंच न मिलने पर रविवार को लखनऊ महोत्सव में प्रतिष्ठित गायिका सोमा घोष का गुस्सा फूट पड़ा।
प्रख्यात शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की मानद बेटी के रूप में पहचानी और पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित सोमा घोष यह कहते हुए महोत्सव से लौट गईं कि यह मेरा नहीं, सरस्वती का अपमान है।
घोष का कार्यक्रम महोत्सव में कवि सम्मेलन के पहले होना था। उन्होंने अमर उजाला से कहा कि मुझे पहले पांच बजे और फिर साढ़े छह बजे का समय बताया गया।
पहले तो मुझे आयोजन स्थल तक पहुंचने में ही काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। महोत्सव में घंटों प्रतीक्षा के बाद मुझे बताया गया कि अब कवि सम्मेलन शुरू होने वाला है। आपका कार्यक्रम नहीं हो सकेगा।