राजधानी लखनऊ में सोमवार को सिन्धी समुदाय ने चालीहा साहिब महोत्सव का आयोजन किया। महिलाओं-पुरुषों ने भगवान झूलेलाल जी की पूजा-अर्चना कर उत्सव मनाया। इस मौके पर 'विदेशी छोड़ो-स्वदेशी अपनाओ' का नारा दिया। कार्यक्रम कृष्णा नगर में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सिंधु सभा के अध्यक्ष अशोक मोतियानी, सिंधु नगर, सिन्धी पंचायत-कृष्णानगर के अध्यक्ष अशोक चांदवानी, महामंत्री महेश तलरेजा, कोषाध्यक्ष नीरज राजपाल, लालचंद मंजर, दिनेश रायचंदानी सहित अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से कहा कि पूरा सिन्धी समाज 'विदेशी छोड़ो-स्वदेशी अपनाओ' पर अमल करेगा। राजाजीपुरम झूलेलाल मंदिर के प्रमुख संजय जसवानी ने पूजा-अर्चना के बाद मौजूद सिंधी महिलाओं को भी स्वदेशी अपनाओ का संकल्प दिलाया।
सिंधु सभा के अध्यक्ष अशोक मोतियानी ने बताया कि सिन्धी समाज अधिकतर कारोबारी है, सभी से अपील की जा रही है कि विदेशी सामानों को न खरीदेंगे और न ही अपने प्रतिष्ठानों पर बेंचे। इसी क्रम में महिलाओं ने चालीहा साहिब महोत्सव में भगवान झूलेलाल जी के गीत गाए। इसके बाद मौजूद लोग भगवान झूलेलाल जी के भक्ति गीतों पर जमकर झूमे, भांगड़ा भी किया।
दूसरी तरफ चेट्टी चंद मेला कमेटी के प्रवक्ता अशोक मोतियानी, अध्यक्ष रतन मेघानी, संरक्षक अशोक चांदवानी, महामंत्री संजय जसवानी, कोषाध्यक्ष सतेंद्र भावनानी पटेल, हिरवानी ने भी संयुक्त रूप से 'विदेशी छोड़ो स्वदेशी अपनाओ' का समर्थन किया।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि हमारा समाज विदेशी वस्तुओं का त्याग कर अपने देश में बने हुए समानों का उपयोग करे। इसके साथ ही (दीपावली के मौके पर) चाइना की झालर, मूर्ति या किसी प्रकार के सजावटी सामानों का भी सिन्धी समुदाय बहिष्कार करेगा। सभी लोग भारत में हाथ से बने हुए देशी दिये जलाएंगे।
इस मौके पर मौजूद लोगों ने संयुक्त रूप से कहा कि जो देश भारत को आंख दिखाएगा, हम उस देश में न तो घूमने जाएंगे और न ही अपने देश भारत में उनसे कारोबार करेंगे। बल्कि, भारत में ऐसे देशों के सामानों का खुलकर बहिष्कार करेंगे। ताकि, उनका नामों निशान मिट जाए।