नोटबंदी के बाद से सहालग का सीजन होने के बावजूद बाजारों से रौनक गायब है। अनाज मंडी में डिमांड घट गई है। बाहर से दालों के आने का सिलसिला शुरू हुआ तो डिमांड घट गई। इससे दालों के थोक रेट में 3 रुपये प्रति किग्रा. की नरमी आई है।
वहीं सराफा बाजार में सन्नाटा पसरा है। अलबत्ता सोना-चांदी की कीमतें बढ़ गईं। राजधानी की दो सबसे बड़ी अनाज मंडी पांडेयगंज, सीतापुर और मध्यम श्रेणी की मंडी मुरलीनगर, फतेहगंज, डालीगंज, डंडहिया में भी खुदरा खरीदार कम हुए।
बिक्री कमजोर होने के कारण ही आटा, मैदा, चीनी के थोक दाम में 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आ चुकी है। कारोबारी आनंद भैया बताते कि नए नोट की किल्लत थोड़ी दूर हुई तो लोगों ने सबसे पहले राशन की खरीद-फरोख्त की।
चांदी 800 एवं सोना 700 रुपये महंगा
सोना मंगलवार को 700 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया। यही नहीं चांदी की भी कीमतों में प्रति किग्रा. 800 रुपये की उछाल आया। कारोबारी कैलाश चंद जैन ने बताया कि सोमवार को 24 कैरेट सोना 30,300 रुपये का 10 ग्राम था जो मंगलवार को सीधे 31,000 रुपये का हो गया। चांदी 42,200 से बढ़कर 43,000 रुपये प्रति किग्रा. हुई। कारोबारी संजय गुप्ता ने बताया कि सराफा बाजार को ढर्रे पर आने में एक से दो महीने लग जाएंगे।