संस्थागत प्रसव में उत्तर प्रदेश अंतिम पायदान पर है। 2015-16 में यूपी में जहां यह दर 52.4% थी, वहीं 2017-18 में घटकर 50.6% रही। सूची में तेलंगाना 91.7% के साथ शीर्ष पर है। इसी तरह टीबी के इलाज में भी यूपी आखिरी स्थान पर रहा।
2015 में जहां दर 87.5% थी, 2016 में 23.5% की गिरावट के साथ 64% रही। यूपी में टीबी के मामले भी पिछली बार की तुलना में बढ़े हैं। 2016 में प्रति एक लाख की आबादी पर 137 मामले थे, वहीं 2017 में यह बढ़कर 140 हो गए।