संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव रामजी आंबेडकर का नाम सरकारी अभिलेखों में बदले जाने पर गुरुवार को बोलते हुए यूपी सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि बाबा साहेब का सही नाम लिए जाने पर इतनी आपत्ति क्यों?
भारतीय संविधान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नाम में 'रामजी' का भी उल्लेख है। बताते चलें कि बुधवार को यूपी सरकार की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक सरकारी अभिलेखों में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का नाम अब 'भीमराव रामजी आंबेडकर' लिखा जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर राज्यपाल राम नाईक का सुझाव न मानने का अरोप लगाते हुए सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि राज्यपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री को भी यह सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने उस पर अमल करना जरूरी नहीं समझा।
हमारी सरकार ने न सिर्फ उनके सुझाव पर विचार किया, बल्कि शासनादेश जारी कर उसका क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया है। इसी क्रम में एक अप्रैल से सभी सरकारी दफ्तरों में उनके सही नाम के साथ फोटो लगाने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा।