यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मायावती के इस्तीफे को नौटंकी बताया। उन्होंने कहा, मायावती जी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश न करें। उन्होंने इस्तीफे का जो नाटक किया है उससे खुद को एक्सपोज कर रही हैं। क्योंकि उनके पास इतने सदस्य भी नहीं हैं कि वे राज्यसभा में दोबारा चुनकर आ सकें।
शर्मा ने कहा, अब नाटक नौटंकी का समय नहीं है, प्रदेश विकास की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश उत्तम प्रदेश बनने की ओर बढ़ रहा है। हम बहन मायावती जी से यही अपील करेंगे कि वह यूपी के विकास में सहयोग करें।
ये नौटंकी का दौर नहीं है। जब आप सत्ता में होते हैं तो सत्ता का दुरउपयोग करते हैं और जब सत्ता से बाहर होते हैं तो नाटक नौटंकी करके मीडिया से कहीं न कहीं सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं।
बहन मायावती का दलितों से दूर-दूर तक लेना-देना नहीं है। दलितों के नाम पर उन्होंने अपने घर को भरने का काम किया है और रोटी सेंकने का काम किया है। ये सरकार सबकी सरकार है, यूपी के प्रत्येक नागरिक की सरकार है।
‘चोर चोर मौसेरे भाई’
bjp leader shrikant sharma
- फोटो : pti
शर्मा ने यूपी के हालात पर कहा, पूरा प्रदेश शांत है। सहारनपुर में जो घटना हुई, वहां अविलंब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। अब मायावती जी उस पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश न करें और प्रदेश में जातीय हिंसा फैलाने की कोशिश न करें।
श्रीकांत बोले, सत्ता में रहते हैं तो बांटने का काम करते हैं, सत्ता से बाहर रहते हैं तो जातीय हिंसा फैलाने का काम करते हैं। हमारा प्रशासन चुस्त और दुरुस्त है। हमारा अनुरोध है कि मायावती जी अब इतने निचले स्तर की राजनीति न करें।
शर्मा ने मायावती पर सपा और कांग्रेस से मिले होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, सपा, कांग्रेस और बसपा एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। मायावती तो कांग्रेस से काफी पहले से जुड़ी हुई हैं। जब सोनिया की सरकार थी तो मायावती का समर्थन उन्हें प्राप्त था।
राज्यसभा के चुनाव हुए तब भी मायावती जी ने कांग्रेस को समर्थन दिया। हिंदी में एक मुहावरा है कि चोर-चोर मौसेरे भाई। ऊर्जा मंत्री ने कहा, बहन मायावती जी को जनता ने नकारा है, उनको 2012 के चुनाव में उनको शिकस्त झेलनी पड़ी, 2014 के लोकसभा चुनाव में शिकस्त झेलनी पड़ी, 2017 के विस चुनाव में उनको करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
वह दलितों का जिक्र जरूर करती हैं लेकिन जब सत्ता में होती हैं तो दलितों के लिए कुछ नहीं करतीं। उन्होंने सिर्फ नोट बटोरने का काम किया है।