अंजली शुक्ला, इकरा खान- सीतापुर शिक्षण संस्थान, सीतापुर
फातिमा, आकांक्षा- पंडित दीनदयाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय खैराबाद, सीतापुर
आशुतोष- युवराज दत्त महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी
प्रज्ञा शुक्ला, आयुष यादव- डीएसएन पीजी कॉलेज, उन्नाव
शिवेंद्र गौरव- स्वामी कल्याणानंद महाविद्यालय, न्योरा देव, हरदोई
ऋषभ शुक्ला- महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हरदोई
हर्षिता, महिमा त्रिपाठी- अवध गर्ल्स पीजी कॉलेज, लखनऊ
ओमनी सिंह, प्रणय मिश्रा- नेशनल पीजी कॉलेज, लखनऊ
अग्रणी गुप्ता, अनम खान- लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
लक्ष्य शर्मा- रामेश्वर बाजपेई महाविद्यालय, रायबरेली
नसरीन बानो- सर्वोदय विद्यापीठ, रायबेरली
सुधांशु बाजपेई, सीता देवी- दयानंद पीजी कॉलेज, रायबरेली
कार्यक्रम में जज के रूप में मौजूद डॉ. अलका, प्रो. अनूप भारतीय व प्रो. मुकुल श्रीवास्तव।
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1. प्रज्ञा शुक्ला- प्रथम- दयानंद सुभाष नेशनल पीजी कॉलेज, उन्नाव
2. अनम खान- द्वितीय- लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
3. हर्षिता- तृतीय- अवध गर्ल्स पीजी कॉलेज, लखनऊ
इन्हें मिला सांत्वना पुरस्कार
1. आशुतोष- युवराज दत्त महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी
2. अग्रणी गुप्ता- लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
सोशल मीडिया दुष्प्रचार को बढ़ावा देता है। समय बर्बाद होता है। राजनीतिक दल इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। यह विचारों को प्रभावित करता है। लोगों के सोचने और समझने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है। दुनिया को संकुचित कर लोगों को अकेलेपन का शिकार बना रहा है। इससे युवाओं में आंखों की बीमारियां बढ़ी हैं। बच्चे खेलकूद छोड़कर मोबाइल में व्यस्त रहते हैं।
सांप्रदायिक घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है। लोगों की व्यक्तिगत जानकारी खतरे में। करेक्ट न्यूज की जगह फोर्स न्यूज प्रस्तुत कर रहा है। फर्जी अकाउंट बनाकर विचारों का प्रवाह कर रहे। युवा इसके एडिक्ट हो रहे हैं।
विषय के पक्ष में प्रतियोगियों ने कहा कि सोशल मीडिया हर किसी को अपनी बात रखने का मंच देता है। सोशल मीडिया ने पश्चिम बंगाल के रेलवे स्टेशन पर गाना गाने वाली रानू मंडल को देशभर में चर्चित कर दिया। निशुल्क पढ़ाई के लिए बेहतर कंटेंट उपलब्ध करा रहा है। निर्भया के साथ हुई घटना के बाद देशभर को एकजुट किया। एसएससी घोटाले को सामने लाने में मददगार रहा।
केरल में आई बाढ़ के लिए फंड जुटाने में सहयोग किया। अक्षय कुमार ने इसके माध्यम से शहीदों के लिए फंड इकट्ठा किया। सोशल मीडिया रोजगार भी दे रहा है। जेनरेशन गैप को कम किया है। कर्मचारियों की आवाज बनकर उभर रहा है। युवाओं में राजनीतिक समझ पैदा की।
वाद-विवाद की विजेता आनम खान।
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पुरस्कार लेते हुए हर्षिता।
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हर्षिता तीसरे स्थान पर रहीं। वह अवध गर्ल्स पीजी कॉलेज की छात्रा हैं।