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राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता: प्रतिभागियों ने बताए सोशल मीडिया के फायदे-नुकसान

Tue, 27 Aug 2019 11:05 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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अपने सामाजिक सरोकारों की शृंखला में ‘अमर उजाला’ की ओर से मंगलवार को नेशनल पीजी कॉलेज में मंडल स्तरीय ‘श्री मुरारी लाल माहेश्वरी स्मृति राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय ‘सोशल मीडिया पर प्रतिबंध देशहित में जरूरी’ रखा गया, जिसमें 19 प्रतिभागियों ने पक्ष-विपक्ष में तर्क दिए। विजेताओं को नकद पुरस्कार व सर्टिफिकेट और सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र दिए गए।

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प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. मुकुल श्रीवास्तव (लखनऊ विश्वविद्यालय), प्रो. अनूप भारतीय (लखनऊ विश्वविद्यालय) व डॉ. अलका (बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय) शामिल थे। मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह, नेशनल पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. नीरजा सिंह व निर्णायक मंडल ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
 

निर्णायक मंडल ने कहा कि ‘अमर उजाला’ ने एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर युवाओं को अभिव्यक्ति का मंच दिया। कोई भी तकनीक खराब नहीं होती, जरूरत उसके बेहतर प्रयोग की है। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से लविवि के देवांश कृष्ण श्रीवास्तव, आयुषी त्रिपाठी, कोमल व मंगेश कुमार विश्वकर्मा ने किया।

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ये रहे प्रतिभागी

- फोटो : amar ujala
अंजली शुक्ला, इकरा खान- सीतापुर शिक्षण संस्थान, सीतापुर
फातिमा, आकांक्षा- पंडित दीनदयाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय खैराबाद, सीतापुर
आशुतोष- युवराज दत्त महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी
प्रज्ञा शुक्ला, आयुष यादव- डीएसएन पीजी कॉलेज, उन्नाव

शिवेंद्र गौरव- स्वामी कल्याणानंद महाविद्यालय, न्योरा देव, हरदोई
ऋषभ शुक्ला- महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हरदोई
हर्षिता, महिमा त्रिपाठी- अवध गर्ल्स पीजी कॉलेज, लखनऊ
ओमनी सिंह, प्रणय मिश्रा- नेशनल पीजी कॉलेज, लखनऊ

अग्रणी गुप्ता, अनम खान- लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
लक्ष्य शर्मा- रामेश्वर बाजपेई महाविद्यालय, रायबरेली
नसरीन बानो- सर्वोदय विद्यापीठ, रायबेरली
सुधांशु बाजपेई, सीता देवी- दयानंद पीजी कॉलेज, रायबरेली

ये रहे विजेता

कार्यक्रम में जज के रूप में मौजूद डॉ. अलका, प्रो. अनूप भारतीय व प्रो. मुकुल श्रीवास्तव। - फोटो : amar ujala
1. प्रज्ञा शुक्ला- प्रथम- दयानंद सुभाष नेशनल पीजी कॉलेज, उन्नाव
2. अनम खान- द्वितीय- लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
3. हर्षिता- तृतीय- अवध गर्ल्स पीजी कॉलेज, लखनऊ

इन्हें मिला सांत्वना पुरस्कार
1. आशुतोष- युवराज दत्त महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी
2. अग्रणी गुप्ता- लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ

विपक्ष में आए ये विचार

- फोटो : amar ujala
सोशल मीडिया दुष्प्रचार को बढ़ावा देता है। समय बर्बाद होता है। राजनीतिक दल इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। यह विचारों को प्रभावित करता है। लोगों के सोचने और समझने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है। दुनिया को संकुचित कर लोगों को अकेलेपन का शिकार बना रहा है। इससे युवाओं में आंखों की बीमारियां बढ़ी हैं। बच्चे खेलकूद छोड़कर मोबाइल में व्यस्त रहते हैं।

सांप्रदायिक घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है। लोगों की व्यक्तिगत जानकारी खतरे में। करेक्ट न्यूज की जगह फोर्स न्यूज प्रस्तुत कर रहा है। फर्जी अकाउंट बनाकर विचारों का प्रवाह कर रहे। युवा इसके एडिक्ट हो रहे हैं।

पक्ष में आए ये विचार

- फोटो : amar ujala
विषय के पक्ष में प्रतियोगियों ने कहा कि सोशल मीडिया हर किसी को अपनी बात रखने का मंच देता है। सोशल मीडिया ने पश्चिम बंगाल के रेलवे स्टेशन पर गाना गाने वाली रानू मंडल को देशभर में चर्चित कर दिया। निशुल्क पढ़ाई के लिए बेहतर कंटेंट उपलब्ध करा रहा है। निर्भया के साथ हुई घटना के बाद देशभर को एकजुट किया। एसएससी घोटाले को सामने लाने में मददगार रहा।

केरल में आई बाढ़ के लिए फंड जुटाने में सहयोग किया। अक्षय कुमार ने इसके माध्यम से शहीदों के लिए फंड इकट्ठा किया। सोशल मीडिया रोजगार भी दे रहा है। जेनरेशन गैप को कम किया है। कर्मचारियों की आवाज बनकर उभर रहा है। युवाओं में राजनीतिक समझ पैदा की।

वाद-विवाद की विजेता आनम खान। - फोटो : amar ujala
आनम खान द्वितीय विजेता रहीं।
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पुरस्कार लेते हुए हर्षिता। - फोटो : amar ujala
हर्षिता तीसरे स्थान पर रहीं। वह अवध गर्ल्स पीजी कॉलेज की छात्रा हैं।
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