लखनऊ में लॉकडाउन के चलते बिस्कुट, नूडल्स, मसाला पैकेट, चॉकलेट आदि खानपान की सप्लाई चेन टूट गई। इसके कारण अधिकतर रिटेल के जनरल स्टोर खाली हो चुके हैं।
इन जनरल स्टोर पर आने वाले ग्राहकों को निराश लौटना पड़ रहा है। खास तौर पर बच्चों की पसंदीदा चीजें मैगी, बिस्कुट की सप्लाई ना होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा रहा। आश्चर्य की बात यह कि यह खानपान की वस्तुएं डिस्ट्रीब्यूटर के गोदामों में हैं, लेकिन होलसेलर की दुकानों तक नहीं पहुंच पा रही है।
जिनके पास स्टॉक वे मनमाने दाम पर बेच रहे
प्रतीकात्मक तस्वीर
इन चीजों का अभाव ...
डालीगंज के जनरल मर्चेंट कारोबारी जितेंद्र गुप्ता के मुताबिक पारले जी, गुड डे, मेरीगोल्ड, मोनैको, क्रैकजैक आदि कंपनियों के बिस्कुट का 95 प्रतिशत स्टॉक सभी बाजारों के होलसेलर की दुकानों में खत्म हो चुका है।
इसके अतिरिक्त हल्दीराम, नवरत्न कंपनी की भुजिया दालमोठ अन्य कई तरह की नमकीन, गोल्डी मसाले, डेटॉल साबुन, डेटॉल कंपनी का हैंड वॉश, कई कंपनियों के शैंपू, किसान टोमेटो केचप, चाऊमीन नूडल्स, मैगी आदि चीजों का अभाव है।
ठाकुरगंज के रिटेल कारोबारी निखिल ने बताया जिन होलसेलर के पास पारले जी आदि कंपनी के बिस्कुट, गोल्डी मसाले, मैगी चाऊमीन आदि का स्टॉक उपलब्ध है, वे इसकी मनमानी कीमत वसूल रहे हैं।
मैगी व सॉस भी खत्म
प्रतीकात्मक तस्वीर
ग्राहकों की मांग को देखते हुए उनको खरीदना भी पड़ रहा है। निखिल ने बताया कि ग्राहकों को सामान बेचने से पहले उनको बता देते हैं कि पैकेट पर जो प्रिंट रेट है, उससे अधिक देना पड़ेगा क्योंकि हम भी अधिक कीमत देकर खरीद कर लाए हैं।
इंदिरानगर के कारोबारी इकबाल अहमद ने बताया कि पिछले 15 दिन से मैगी, सॉस, सेरेलैक बच्चों का मिल्क खत्म हो चुका। रिटेलर का कहना है कि किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास से नेस्ले कंपनी का माल ही नहीं आ पा रहा है।
राजाजीपुरम में सी ब्लॉक के किराना दुकानदार नरेश के अनुसार पारले जी बिस्कुट, पॉपकॉर्न व कई अन्य ब्रांडेड सामान नहीं मिल पा रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण डिस्ट्रीब्यूटर की सप्लाई गाड़ी न चलना है। वहीं थोक दुकानदार के पास भीड़ के कारण ऐसे सामान दुकानदार नहीं ले पाते।
खानपान की चीजों का गोदामों में खूब स्टॉक
राजधानी के डिस्ट्रीब्यूटर के गोदामों में उन सभी बच्चों की पसंदीदा चीजों का खूब स्टॉक है, जिनका जनरल स्टोर पर अभाव हो चुका है। लेकिन लॉकडाउन पास के अभाव में डिस्ट्रीब्यूटर उसकी सप्लाई चेन मेंटेन नहीं कर पाए। यानी उनको पर्याप्त मात्रा में पास नहीं मिल सके। - संजीव अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन