लखनऊ। सरकारी शराब की दुकान में मिलावटी शराब बेचने की आरोपी दुकानदार मनीषा की जमानत अर्जी जिला न्यायाधीश ने खारिज कर दी।
कोर्ट में जमानत का विरोध करते हुए बताया गया कि मामले की रिपोर्ट मदेयगंज थाने में दर्ज कराई गई थी। आबकारी विभाग की इंस्पेक्टर मोनिका यादव ने 15 सितंबर को सीतापुर रोड स्थित कंपोजिट शराब की दुकान का निरीक्षण किया था। दुकान में सेल्समैन राजेश जायसवाल और अशोक कुमार जायसवाल मौजूद थे। टीम को निरीक्षण में बहुत सी शराब की बोतलों पर फर्जी क्यूआर कोड के स्टीकर लगे मिले थे। आबकारी टीम ने पाया की आरोपियों ने मिलावटी शराब बेचने के लिए फर्जी क्यूआर कोड के स्टिकर का इस्तेमाल किया था। पूछताछ में दोनों सेल्समैन ने बताया था की वे दोनों हरिओम जायसवाल के साथ मिलकर शराब में मिलावट करते हैं और लोगों को बेचते हैं। आरोपियों ने बताया की दुकान की आवंटी मनीषा है।