दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के निशान
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बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के यूपी के बरेली स्थित आवास पर फायरिंग करने वाले शूटरों रविंद्र उर्फ बिंदर और अरुण को ई-मेल के जरिए घर का पता भेजा गया था। इसके बाद दोनों ने दो नाबालिगों को साथ में लेकर घर पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। रविंद्र और अरुण को गाजियाबाद में एनकाउंटर में ढेर करने वाली एसटीएफ की टीम घटना में शामिल दोनों नाबालिगों को तलाश रही है। जांच में पता चला है कि रविंद्र और अरुण हरियाणा में दूसरी घटना को अंजाम देने की फिराक में भी थे।
दरअसल, गोल्डी बरार गैंग ने दोनों शूटरों को दिशा पाटनी के घर पर वारदात के लिए जिगाना और ग्लॉक पिस्टल दी थी। यह गिरोह घटना के बाद असलहों को तुरंत वापस ले लेता है, लेकिन रविंद्र और अरुण को दूसरी घटना अंजाम देने का जिम्मा देने की वजह से उनसे असलहे वापस नहीं लिए गए थे। दोनों को असलहे दिल्ली के रोहिणी स्थित एक सुनसान घर से मिले थे, जहां पर कोई मौजूद नहीं था।
दोनों नाबालिग पहली बार घटना अंजाम देने गए थे
दोनों की गोल्डी बरार से संपर्क होने का कोई ठोस सुराग भी फिलहाल एसटीएफ के हाथ नहीं लगा है। आशंका जताई जा रही है गोल्डी बरार के इशारे पर रोहित गोदाना ने दोनों शूटरों को यह काम सौंपा था। रविद्र और अरुण बरेली में दो नाबालिगों को साथ लेकर थे। अधिकारियों के मुताबिक दोनों नाबालिग पहली बार घटना अंजाम देने गए थे। उन्होंने भी ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। दोनों की लोकेशन हरियाणा में मिली है, हालांकि वह बार-बार ठिकाना बदल रहे हैं।
पहली बार मारे गए शूटर
यूपी में पैर पसारने की कोशिश में जुटे गोल्डी बरार गैंग को एसटीएफ ने करारा झटका दिया है। दोनों शूटरों को मुठभेड़ में ढेर कर एसटीएफ ने अपने इरादे जाहिर करते हुए कड़ी चुनौती दी है। बता दें कि इससे पहले इस गिरोह का नाम प्रदेश के एक माफिया से जुड़ चुका है, हालांकि उसके इशारे पर गोल्डी बरार ने यूपी में किसी वारदात को अंजाम नहीं दिया था।