रायबरेली। सलोन में वेस्पा की करीब 145 बीघे जमीन पर इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की फैक्ट्री लगाने का प्रस्ताव पास नहीं हो सका। दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधियों ने फैक्ट्री लगाने का प्रयास किया था, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। अब पूरी की पूरी 145 बीघे जमीन उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी (यूपीसीडा) को ट्रांसफर कर दी गई है।
यूपीसीडा के स्तर से बड़ा कारखाना स्थापित कराने का प्रयास शुरू किया गया है। सफलता न मिलने पर छोटे-छोटे उद्योग स्थापित कराकर औद्योगिक विकास होगा। सलोन के बगहा गांव के पास करीब 90 एकड़ भूमि पर वर्ष 1984 में वेस्पा स्कूटर फैक्ट्री की स्थापना हुई थी। क्षेत्र के लोगों को अच्छा रोजगार मिल रहा था। धीरे-धीरे वर्ष 1995 में यह फैक्ट्री बंद हो गई है।
ऐसा होने के बाद लोगों के हाथों से बड़ा रोजगार थम गया। इसके बाद इस फैक्ट्री को संचालित कराने का प्रयास नहीं किया गया। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में उद्योगों के लिए प्रस्ताव आने के बाद इस वीरान पड़ी भूमि के भी संवरने की उम्मीद बढ़ गई।
लखनऊ में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में शामिल होने आए फिनलैंड और दक्षिण कोरिया देश के दल ने 12 फरवरी 2023 को वेस्पा स्कूटर फैक्ट्री का दौरा किया था।
हरियाणा के उद्योगपति विजय कपूर ने दक्षिण कोरिया की मदद से बंद पड़ी फैक्ट्री में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने के लिए प्लांट लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू कराई थी। तमाम प्रयासों के बाद भी सहमति नहीं सकी। इलेक्ट्रिक वाहन फैक्ट्री के लिए कंपनी को दूसरी जगह जमीन की व्यवस्था हो गई है।
उधर यूपीसीडा को औद्योगिक विकास के लिए वेस्पा की 90 एकड़ भूमि ट्रांसफर कर दी गई है। इस भूमि पर बड़ी फैक्ट्री स्थापित कराने के साथ ही छोटे-छोटे उद्योग लगाने के लिए भी प्रयास शुरू किया गया है। ऐसा होने के बाद रोजगार का बड़ा साधन लोगों को मिल सकेगा।
औद्योगिक विकास का ले-आउट तैयार कर रहा यूपीसीडा
वेस्पा की 90 एकड़ भूमि मिलने के बाद उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी औद्योगिक विकास के गुणा-भाग में जुट गया है। छोटे उद्योग स्थापित कराने के लिए प्लॉट के लिए ले-आउट तैयार किया जा रहा है। अंदर ही अंदर बड़े उद्योग के प्रयास भी चल रहे हैं, लेकिन जिससे छोटे-छोटे भंखड बनाने का जरूरत नहीं होगी और लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
भवानी पेपर मिल में जल्द ही बजेगी सीटी
वाराणसी की गंगा पेपर मिल के मालिक आरके चौधरी को 23 मार्च 2023 को भवानी पेपर मिल हैंडओवर होनेे के बाद जल्द ही मिल को फिर शुरू करने की कवायद चल रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रयास से वर्ष 1982 में आईटीआई के पास 42 एकड़ में भवानी पेपर मिल लगी थी। मिल में 950 कर्मचारी काम करते थे। इस मिल में बीते वर्ष 2015 में ताला लटक गया था।
सलोन के वेस्पा फैक्ट्री की 90 एकड़ भूमि यूपीसीडी को ट्रांसफर हो चुकी है। इसके औद्योगिक विकास की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। जल्द ही क्षेत्र के लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए शासन स्तर से उद्योगों की स्थापना कराई जाएगी।
बीएन श्रीवास्तव, अवर अभियंता-यूपीसीडा