लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के निदेशक शोभित कुमार नाहर ने अपना कार्यकाल पूरा होने से करीब तीन माह पहले पद छोड़ दिया है। शासन ने उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है। नाहर ने नौ सितंबर 2023 को निदेशक का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल सितंबर 2026 तक निर्धारित था। पद से कार्यमुक्त होने के बाद नाहर अब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में अपने मूल पद असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य करेंगे। त्यागपत्र के कारण के बारे में पूछे जाने पर शोभित नाहर ने कहा कि उन्होंने कला और अकादमिक क्षेत्र की गतिविधियों पर अधिक समय और ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से पद छोड़ने का निर्णय लिया है।
सांस्कृतिक गतिविधियों को मिली थी रफ्तार
नाहर के कार्यकाल में अकादमी ने ध्रुपद समारोह, स्थापना दिवस उत्सव, नाट्य महोत्सव और लोककलाओं से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए। लंबे समय से रुकी कलाकारों की रिकॉर्डिंग दोबारा शुरू कराई गई और प्रदेश के कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
कुछ अहम योजनाएं रह गईं अधूरी
नाहर के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में चार वर्षों से लंबित अकादमी सम्मान का वितरण भी शामिल रहा। उनके कार्यकाल में संत गाडगे और वाल्मीकि रंगशाला के मरम्मत कार्य शुरू हुए, लेकिन समय पर पूरा न होने से रंगकर्मियों में नाराजगी रही। वहीं विंध्याचल समेत प्रमुख मंदिरों में राग सेवा शुरू करने की योजना भी अमल में नहीं आ सकी। फिलहाल अकादमी में नए निदेशक की नियुक्ति नहीं की गई है।