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Lucknow News: कफन में लिपटे शोएब को देख बेहोश हो गईं मां-पत्नी

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शोएब का जनाजा उठने के दाैरान रोते परिजन एवं जमा भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ। मांझे की चपेट में आकर जान गंवाने वाले दुबग्गा के सीता विहार कॉलोनी निवासी मोहम्मद शोएब (34) को ऐशबाग कब्रिस्तान में बृहस्पतिवार को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। दोपहर 12:30 बजे जब उनका जनाजा घर से उठा तो पूरा इलाका गम में डूब गया। बुजुर्ग बीमार मां आब्दा और पत्नी फौजिया कफन में लिपटे शोएब को देखकर एकबारगी बेहोश ही हो गईं। रिश्तेदारों व मोहल्ले वालों ने दोनों को संभाला।
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बुधवार देर रात पोस्टमॉर्टम के बाद शोएब के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। शोएब की इकलौती बहन शहला और बेहनोई अफसर दिल्ली में थे, जो खबर मिलते ही फ्लाइट से लखनऊ पहुंचे। रात भर शोएब का शव घर पर ही रहा। नातेदार, रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग ताजीयत (शोक) पेश करने आते-जाते रहे।



बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

शोएब की दो बेटियां हैं। छह वर्षीय बुशरा और ढाई वर्षीय इकरा। पिता के जनाजे के पास मौजूद बुशरा को जब बताया गया कि उसके पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे, तो वह भी फूट-फूटकर रोने लगी। वहीं, मासूम इकरा इन सब बातों से अनजान, घर में जमा भीड़ देखकर हैरान थी। जनाजा उठा तो हर किसी की आंखों से आंसुओं की धार बह निकली। ऐशबाग कब्रिस्तान में जनाजे की नमाज अदा कर शोएब को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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बहू के लिए मांगी सरकारी नौकरी

शोएब परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। पिता की 20 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। बहन शहला शादीशुदा हैं। शोएब की मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बुजुर्ग मां आबदा ने बहू फौजिया के लिए सरकारी नौकरी की मांग की है, ताकि परिवार का भरण-पोषण और बेटियों की पढ़ाई-लिखाई हो सके। मां और पत्नी ने सरकार से मांझे पर पूरी तरह से रोक लगाने और शोएब की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शोएब का जनाजा उठने के दाैरान रोते परिजन एवं जमा भीड़।- फोटो : अमर उजाला

शोएब का जनाजा उठने के दाैरान रोते परिजन एवं जमा भीड़।- फोटो : अमर उजाला

शोएब का जनाजा उठने के दाैरान रोते परिजन एवं जमा भीड़।- फोटो : अमर उजाला

शोएब का जनाजा उठने के दाैरान रोते परिजन एवं जमा भीड़।- फोटो : अमर उजाला

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