हिंदू धर्म में भगवान शिव को भोले बाबा कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि उन्हें खुश करना सबसे आसान है।
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शिवरात्रि
लखनऊ में भक्त सुबह से ही भगवान शिव की आराधना और पूजन का उत्सव महाशिवरात्रि मनाने के लिए उमड़ पड़े। भक्त बेल पत्र, धतूरा, फल, फूल, मेवे, मिष्ठान, दुग्ध सहित कई पूजन सामग्रियों संग भोले भंडारी की आराधना करने मंदिरों में पहुंचे।
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शिवरात्रि
शहर के तमाम शिवालयों में भव्य सजावट की गई और झांकियां सजाई गईं।
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शिवरात्रि
दर्शन-पूजन का क्रम शुक्रवार सुबह से ही शुरू हो गया। मनकामेश्वर मंदिर, कल्याण गिरि मंदिर, महाकाल मंदिर, कोनेश्वर महादेव मंदिर, बुद्धेश्वर मंदिर, स्वप्नेश्वर महादेव मंदिर, छोटा-बड़ा शिवाला सहित सभी शिव मंदिरों में भक्तों की जबरदस्त भीड़ उमड़ी।
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शिवरात्रि
भगवान शिव को हिंदू धर्म में जल्दी खुश हो जाने वाले भोले भंडारी के रूप में माना जाता है। आस्था है कि भगवान शिव को बेल पत्र (बिल्व पत्र) और धतूरा से की जाने वाली पूजा पसंद हैं। मान्यता है कि शिवरात्रि के दिन बस बेलपत्र चढ़ाकर सच्चे मन से भोलेबाबा से कुछ मांगा जाए तो वो जरूर मिलता है।
इसके साथ ही शिवलिंग का गंगाजल और दुग्ध से अभिषेक भी किया जाता है। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु भगवान को शहद, घी, दही, वस्त्र, मिष्ठान्न, फल, भांग, गन्ने का रस भी चढ़ाते हैं।