अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव
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सम्मान से समझौता नहीं- शिवपाल
प्रसपा के संस्थापक एवं सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वैसे तो सदैव स्वतंत्र था। लेकिन समाजवादी पार्टी ने पत्र जारी कर औपचारिक स्वतंत्रता दी है। इसके लिए हृदय से आभार। राजनीति यात्रा में सिद्धांतों एवं सम्मान से समझौता स्वीकार नहीं है। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ इसलिए थे कि समाजवाद का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा किया जा सके। लेकिन बदली परिस्थितियों में यह संभव नहीं है। समाजवादी पार्टी चंद लोगों के हाथ की कठपुतली बन गई है। उन्होंने राष्ट्रपति चुनवा के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को आईएसआई एजेंट कहा, उसे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने समर्थन दे दिया। मुलायम सिंह यादव के खिलाफ समाजवादी एक शब्द भी नहीं सुन सकते हैं, लेकिन आज के हालात सभी के सामने हैं।
राजनीति में अखिलेश बच्चे हैं - केशवदेव मौर्य
चुनाव केसमय सपा के साथ गठबंधन में शामिल रहे महान दल के अध्यक्ष केशवदेव मौर्य दो माह पहले अलग हो चुके हैं। शनिवार को एक टीवी चैनल को दिए बयान में उन्होंने कहा कि अखिलेश राजनीति में बच्चे हैं, जबकि आजम खां जौहरी। हालांकि बाद में उन्होंने अखिलेश यादव की तारीफ की और कहा कि अखिलेश यादव को स्वामी प्रसाद मौर्य और ओम प्रकाश राजभर ने गुमराह किया। ओम प्रकाश राजभर को आस्तीन का सांप कहते हुए केशवदेव ने कहा कि भाजपा ने स्वामी प्रसाद मौर्य और राजभर को प्लांट किया। दोनों की बयानबाजी से सपा हारी। राजभर आरएसएस के इशारे पर कार्य करते हैं। सवाल किया कि वह बसपा के साथ की बात करते हैं और भाजपा से सुरक्षा ले रहे हैं।