समाजवादी पार्टी में कभी पूर्व पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के बाद दूसरे स्थान पर माने-जाने वाले शिवपाल सिंह यादव पार्टी में हाशिये पर किए जाने से बेहद आहत हैं। इटावा में गणतंत्र दिवस के मौके पर कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए उनका दर्द छलक आया।
उन्होंने कहा कि यह विधानसभा चुनाव कोई साधारण चुनाव नहीं है, यह अपनों के खिलाफ धर्मयुद्घ है। यही नहीं, उन्होंने चुनाव में पार्टी की जीत की संभावना पर भी संदेह जताया और कहा कि हम चुनाव जीतने जा रहे थे लेकिन कुछ सत्ता के लोभियों ने समीकरण बिगाड़ दिया।
शिवपाल का ये बयान ऐसे समय में आया जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव प्रचार के लिए निकल चुके हैं और पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी गई है, लेकिन इसमें शिवपाल का नाम नहीं है। वह इस समय सपा में बिल्कुल हाशिये पर चले गए हैं।
शिवपाल के बयान से मतलब निकाला जा रहा है कि ऊपरी तौर पर अब भले ही सबकुछ ठीक दिखाई दे रहा हो, लेकिन परिवार में अब भी घमासान मचा हुआ है।