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संतों के बीच यजमान बनें शिवसेना प्रमुख उद्घव ठाकरे, बोले-राजनीति करने नहीं आया हूं

Sat, 24 Nov 2018 11:44 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अयोध्या में हुई शानदार आतिशबाजी
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शिवसेना प्रमुख उद्घव ठाकरे रामनगरी में पहली बार यजमान बनकर आए। लक्ष्मण किला में आयोजित आशीर्वाद समारोह में उन्होंने यजमान की भूमिका में रामनगरी के प्रमुख संत-धर्माचार्यों के साथ-साथ तीर्थ पुरोहितों एवं वैदिक छात्रों का सम्मान किया। रामनगरी के संतों का उद्घव ने पांव पखारा तो संत अभिभूत हो उठे।

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लक्ष्मणकिला में पहुंचते ही उन्होंने सर्वप्रथम लक्ष्मी, गणेश, कलश, कन्यापूजन पूरे वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य किया। इसके बाद रामनगरी के तीन प्रमुख संतों का पांव पखारा और अन्य संतों का आदर सत्कार किया। धार्मिक गीतों एवं जयश्रीराम के नारों से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आए। उद्घव ठाकरे आशीर्वाद समारोह स्थल पर करीब सवा तीन बजे पहुंचे।

यहां पहुंचने पर कार्यक्रम के संयोजक पंडित अमरनाथ मिश्र द्वारा  उद्घव ठाकरे उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे व पुत्र आदित्य ठाकरे का गरिमापूर्ण स्वागत किया। समारोह में पहुंचते ही उन्होंने सर्वप्रथम रामनगरी की मर्यादा के अनुकूल मंचस्थ संतों को प्रणाम निवेदित किया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य विधिवत पूजन-अर्चन करने के साथ-साथ तीन कन्याओं का भी पूजन किया।
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रामनगरी के करीब 150 संतों सहित कुल 1100 तीर्थपुरोहितों एवं वैदिक छात्रों का सम्मान किया गया। सम्मान के बाद उन्होंने कहा कि मैं राजनीति करने नहीं आया हूं एक विरासत एक विचारधारा को लेकर आया हूं और आज का दिन मेरे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। माना जाता है कि जिसे एक संत का आशीर्वाद मिलता है वो भाग्यशाली होता है। मेरा बड़ा भाग्य है कि मुझे हजारों की संख्या में संतों ने आशीर्वाद प्रदान किया है।

वहीं दूसरी तरफ उद्घव ठाकरे स्वागत-सत्कार से रामनगरी के संत अभिभूत नजर आए। भजन गायक देवेंद्र पाठक के भजनों ने आशीर्वाद समारोह को राममय बनाने में अहम भूमिका निभाई।मंच पर मौजूद ज.गु.रामदिनेशाचार्य ने कहा कि शिवसेना प्रमुख अयोध्या की आध्यात्मिकता में पगे नजर आए, यही अयोध्या की महिमा है, जो अयोध्या में आता है वह यहीं की धार्मिक आभा में सम्मोहित हो जाता है। उद्घव ने यजमान बनकर अयोध्या आने की बात कही थी, वे यजमान के रूप में ही प्रस्तुत हुए।

रामजन्मभूमि न्यास अध्यक्ष को भेंट की चांदी की गदा-संतों का सम्मान करने पहुंच उद्घव ठाकरे ने रामनगरी के तीन प्रमुख संतों रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, लक्ष्मणकिलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण व श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास का पांव पखार कर उनका स्वागत सम्मान किया। उन्होंने न्यास अध्यक्ष को चांदी का गदा भी भेंट किया।

उन्होंने शिवसेना के राज्य प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह द्वारा राममंदिर निर्माण के लिए लाई चांदी की ईंट का भी पूजन किया। मंच पर सम्मानित प्रमुख संतों में रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास, हिंदू पक्षकार महंत धर्मदास,  महंत रामदास, महंत करूणानिधान शरण, महंत सियाकिशोरी शरण, महंत नारायणाचारी, महंत बृजमोहन दास, महंत रामकेवल दास, महंत रामप्रकाश दास, महंत सीताराम दास सहित अन्य मंचस्थ रहे। 

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उद्घव ने की मां सरयू की 5100 बत्ती की महाआरती  

उद्धव ठाकरे
आशीर्वाद समारोह के बाद उद्घव ठाकरे सरयू तट पहुंचे। आंजनेय सेवा संस्थान के महंत शशिकांत दास द्वारा ठाकरे का स्वागत किया। ठाकरे ने सपरिवार मां सरयू का पूजन अर्चन करने के उपरांत 5100 बत्ती की महाआरती की, तो पूरा सरयू तट जय सरयू मईया..के जयकारों से गूंज उठा। इससे पूर्व लक्ष्मण किला से लेकर आरती घाट तक शिवसैनिकों ने पूरा घाट उद्घव ठाकरे के स्वागत में सजा रखा था। यहां उद्घव ठाकरे ने अयोध्या के प्रति अपनी श्रद्घा अर्पित करते हुए दोबारा अयोध्या आने की बात कही।
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