लखनऊ। डालीगंज स्थित प्रसिद्ध श्रीमनकामेश्वर मंदिर में अर्पित किए जाने वाले पुष्पों का उपयोग अब शिव भभूत के रूप में किया जाएगा। इसे नाम दिया गया है श्रीमनकामेश्वर विभूति भस्म। एनबीआरआई के सहयोग से मंदिर प्रशासन को एक ऐसी मशीन निशुल्क दी गई है जिससे यह भभूत तैयार की जाएगी। इस भभूत को छोटे-छोटे पैकेट में भरकर पैक किया जाएगा और यह भक्तों को दी जाएगी। इसका मूल्य भी निर्धारित होगा। मंदिर में बने इस बिक्री केंद्र का उद्घाटन शनिवार को दोपहर तीन बजे सीएसआईआर-नई दिल्ली की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी करेंगी।
श्रीमनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि ने कहा कि यह नया प्रयोग है जो श्रद्धा, तकनीक और पर्यावरण का संगम होगा। उन्होंने दावा किया प्रदेश में पहली बार यह प्रयोग हो रहा है। ताजे फूलाें से मशीन के जरिये उसका शुद्ध अर्क निकालकर प्राकृतिक इत्र बनाया जा रहा है। इस पहल से गोमती नदी में फूलों का विसर्जन कम हो रहा है जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है। मनकामेश्वर मंदिर में पुष्प-पुनर्चक्रण का महायज्ञ शुरू हुआ है। इसके तहत फूलों से दिव्य भस्म और इत्र तैयार किया जाएगा।