अयोध्या राम जन्म भूमि व विवादित ढांचा मामले में उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष दाखिल करते हुए रामजन्म भूमि स्थल पर ही मंदिर बनाए जाने की इच्छा जताई है।
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी का कहना है कि मामले का हल निकाला जाए, विवाद खड़ा नहीं किया जाए। मंदिर वहीं बने, लेकिन मीर बाकी की बनवाई हुई बाबरी मस्जिद के लिए अलग कहीं जगह दी जाए और उस पर पूर्व की तरह ही मस्जिद तामीर कराई जाए।
उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने बताया कि अयोध्या राम जन्म भूमि व विवादित ढांचे के मामले में हाईकोर्ट का आया फैसले से अब तक हल नहीं निकला है। मंदिर के साथ मस्जिद का एक जगह नहीं हो सकती। इसलिए मंदिर वहीं बनाया जाए और मंदिर से दूर मस्जिद की जमीन देकर उसका निर्माण कराया जाए। मामले का हल आपसी बातचीत से निकला जाए। इसके लिए जज व सरकार के प्रतिनिधियों की एक कमेटी बने जो सभी पक्षों से बातचीत करे। और इस मामले को खत्म किया जाए।
उन्होंने बाबरी मस्जिद को शिया मस्जिद होने का दावा पेश करते हुए बताया कि मस्जिद बनवाने वाले मीर बाकी शिया थे और 1946 तक शिया समुदाय के कल्ब हुसैन आखिरी मुतवल्ली थे। आजादी के दौरान यह मस्जिद सुन्नी वक्फ बोर्ड में दर्ज करा दी गई। इसके शिया वक्फ बोर्ड के पास प्रमाण मौजूद हैं। साथ ही शिया वक्फ बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट में 25वें नंबर पर पार्टी बनाया गया है। इसलिए बोर्ड ने काउंटर फाइल करने के अधिकार के तहत मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के वकील एमसी ढींगरा के जरिये अपना पक्ष दाखिल किया है।