लखनऊ। महाठग संजय शेरपुरिया को पुलिस ने बुधवार से छह दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया है। पहले दिन विभूतिखंड थाने में उससे कई घंटे पूछताछ की गई। अधिकतर सवालों के जवाब गोलमोल देता रहा। उद्योगपति डालमिया से रकम अपने खाते में लेने की बात कुबूली है।
अफसरों व बड़े नेताओं से कनेक्शन की बात पर उसने दावा किया कि कुछ लोगों से उसका व्यक्तिगत तो कुछ से व्यापारिक रिश्ते हैं। पुलिस के साथ अभी एसटीएफ उससे पूछताछ करेगी। दिल्ली, गुजरात व अन्य कई प्रदेश में पुलिस उसको ले जा सकती है।
क्योंकि इन शहरों का शेरपुरिया से गहरा कनेक्शन है।
एसटीएफ ने शेरपुरिया को गिरफ्तार किया था। कंपनियां बनाकर रकम इधर से उधर करना, स्वरोजगार के नाम पर करोड़ों ठगने का आरोप है। कोर्ट में पेश कर उसको जेल भेजा गया था। पुलिस ने उसको कस्टडी रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि बुधवार सुबह दस बजे से शुरू हुई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में सबसे पहले पुलिस ने यही पूछा कि उसने उद्योगपति गौरव डालमिया के ट्रस्ट से अपने खाते में छह करोड़ की रकम क्यों ली? रकम डालमिया के एक केस को रफादफा कराने के लिए ली गई थी? सूत्रों ने बताया कि इस सवाल पर शेरपुरिया ने ये बात तो कुबूल की कि उसने पैसे लिए हैं, लेकिन यह नहीं बताया कि पैसे क्यों लिए थे।
कोई भी फोटो फेक नहीं
एफआईआर में दावा किया गया था कि आरोपी की शीर्ष नेताओं के साथ फोटो हैं। अपने आवास पर उसने फोटो गैलरी बना रखी है। इसके जरिये वह झांसा देकर लोगों से उगाही करता है। सूत्रों के मुताबिक, शेरपुरिया ने इसको लेकर बताया कि जो फोटो हैं वह सही हैं। कोई भी फोटो एडिटेड नहीं हैं। तमाम कार्यक्रमों का आयोजन कराया, जिस संबंध में वह नेताओं से मुलाकात करता रहता था। वही फोटो हैं। जब यह पूछा गया कि इन फोटो के जरिये लोगों को विश्वास में लेकर उगाही की गई तो उसने इनकार कर दिया। वह लगातार यही कहता रहा कि वह एक कारोबारी है। बैंक डिफाॅल्टर होने की बात स्वीकारी है।
एनजीओ में डोनेशन की रकम आई
शेरपुरिया की एनजीओ यूथ रूरल इंटरप्रेन्योर फाउंडेशन को लेकर जब पुलिसकर्मियों ने सवाल पूछे तो उसने कहा कि वह संस्था का इस्तेमाल समाज के लिए करता है। एनजीओ में डोनेशन आती रहती थी। इसके जरिये लोगों को स्वरोजगार मुहैया कराया गया। यही नहीं, युवाओं से 2200-2200 रुपये खाते में जमा करने के मामले में शेरपुरिया का कहना था कि ये रजिस्ट्रेशन फीस थी। फिलहाल पहले दिन बहुत अधिक उससे पूछताछ नहीं हो सकी। आगे गहनता से पूछताछ होगी। तमाम दस्तावेज पुलिस ने जुटाए हैं, जिसके बारे में उससे बातचीत की जा रही है।