फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

15 को संक्रांति : बजने लगेगी शहनाई,  विशेष विवाह लग्न 20 के करीब, अप्रैल में लग्न नहीं

Sat, 07 Jan 2023 01:06 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

मकर राशि की सूर्य संक्रांति शनिवार 14 जनवरी की रात 2 बजकर 53 मिनट से आएगी। इसका पुण्य काल, मकर संक्रांति खिचड़ी का स्नान-दान एवं पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। पूरे दिन पर्व का मान रहेगा। दोपहर तीन बजे तक का समय स्नान दान के लिए विशेष पुण्य फलदायक होगा।
विज्ञापन
मकर संक्रांति - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नए साल के आगाज के साथ ज्योतिषाचार्य ग्रहों की चाल से पर्वों की तारीख, शुभ मुहूर्त की गणना कर विशेष फलों का आकलन करने में जुट गए हैं। खरमास भी आठ दिन बचा है। 15 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।

विज्ञापन

मकर राशि की सूर्य संक्रांति का मान 15 जनवरी को दिनभर रहेगा। इसके साथ खरमास खत्म होगा और मांगलिक व वैवाहिक कार्य शुरू होंगे। इस सीजन में करीब 20 विशेष विवाह लग्न हैं। इस बार अप्रैल में विवाह नहीं हो सकेंगे, क्योंकि 31 मार्च से एक मई तक गुरु अस्त हो रहे हैं। इसके बाद दो मई से वैवाहिक  व मांगलिक कार्य शुरू हो पाएंगे। जनवरी के मुख्य तीज-त्योहारों, संयोग और वैवाहिक लग्नों के बारे में ‘अमर उजाला’ ने ज्योतिषाचार्य धीरेंद्र पांडेय और एसएस नागपाल से बातचीत की।


सकट चौथ 10 को, विशेष फलदायी होगा मंगलवार
गणेश चौथ के नाम से विख्यात गणेश चतुर्थी व्रत या सकट चौथ का मान मंगलवार 10 जनवरी को होगा। इस दिन संतान की दीर्घायु की कामना से माताएं उपवास करती हैं। रात 8:23 बजे के बाद चंद्रमा के दर्शन हो जाने पर विधिवत पूजन कर इसका पारण किया जाएगा। मंगलवार को गणेश चौथ अधिक पुण्यदायक है। इसी दिन गणेशजी की उत्पत्ति हुई थी। इसे तिल कुटी या वक्रतुंड चतुर्थी भी कहते हैं।

विज्ञापन

14 की रात से सूर्य संक्रांति, स्नान-दान 15 को
मकर राशि की सूर्य संक्रांति शनिवार 14 जनवरी की रात 2 बजकर 53 मिनट से आएगी। इसका पुण्य काल, मकर संक्रांति खिचड़ी का स्नान-दान एवं पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। पूरे दिन पर्व का मान रहेगा। दोपहर तीन बजे तक का समय स्नान दान के लिए विशेष पुण्य फलदायक होगा। गंगा या अन्य कोई पवित्र नदी, तीर्थ स्थल में सरोवर इत्यादि में स्नान करना श्रेष्ठ होगा। इस दिन खिचड़ी खाना, खिलाना और दान करना विशेष पुण्य देता है। मकर संक्रांति के दिन पंचांग, धार्मिक पुस्तकें, जूता-चप्पल, कंबल, शॉल व ऊनी वस्त्रों का दान करने की मान्यता है। 18 जनवरी को षटतिला एकादशी पर तिल से स्नान, तिल का दान और भोजन में इस्तेमाल करने की मान्यता है।

21 को मौनी और शनि अमावस्या साथ-साथ
मौनी अमावस्या 21 जनवरी को होगी। इस दिन मौन रहते हुए स्नान-दान का महत्व है। प्रयागराज की त्रिवेणी में स्नान का विशेष पुण्य है। वाराणसी में भी गंगा स्नान का खास महत्व है। इसी दिन शनि अमावस्या है, जिन लोगों को शनि की साढ़े साती, शनि की ढैय्या या शनि की महादशा और अंतर्दशा के कारण कष्ट हो रहा हो, उन्हें शनि का जाप करना या करवाना या दान करना चाहिए। काले तिल के लड्डू, काली उरद की दाल, सरसों का तेल, छाता, सड़सी, चिमटा आदि का दान करना चाहिए।
विज्ञापन


26 को मनाई जाएगी वसंत पंचमी
26 जनवरी को वसंत पंचमी मनाई जाएगी। सिद्ध मुहूर्त के चलते यह कोई भी धार्मिक कार्य प्रारंभ करने का दिन है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें