शत्रुघ्न सिन्हा और अखिलेश यादव।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश के साथ हुई बैठक के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने मीडिया से कहा कि यह शिष्टाचार मुलाकात थी। अखिलेश बहुत संस्कारी हैं, जिन्हें वे अच्छा मानते हैं। सपा संस्थापक मुलायम सिंह का बहुत सम्मान करता हूं। मुलाकात का कोई गलत अर्थ न निकाला जाए। एलओसी के पार जाकर स्ट्राइक के सवाल पर शुत्रघ्न ने कहा कि यह उल्लास की वजह है, लेकिन सेलिब्रेशन का वक्त नहीं है। इस वक्त सभी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ देख रहे हैं। वह देश के मुखिया हैं। जब तक वायु सेना की सर्जिकल स्ट्राइक लॉजिकल नतीजे तक नहीं पहुंच जाती, तब तक सतर्क रहना चाहिए। ऐसा एक्शन होना चाहिए कि कोई दोबारा पुलवामा जैसी हिमाकत न करे। यहां बता दें कि इससे पहले सिन्हा ने प्रधानमंत्री मोदी को टैग करते हुए ट्वीट किया-‘इस समय पूरा देश आपके साथ खड़ा है। हम सभी आपके साथ हैं और आपको पूरा सपोर्ट है।’
सिन्हा इससे पहले कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की महारैली में भी भाग ले चुके हैं, जिसमें अखिलेश यादव भी शामिल हुए थे। कोलकाता में इन दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। इसके बाद से ही लखनऊ की बैठक प्रस्तावित थी। सपा सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर वार्ता हुई। विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने की जिम्मेदारी शत्रुघ्न सिन्हा को सौंपी जा सकती है। क्योंकि, उनके उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण और पश्चिमी भारत के प्रमुख नेताओं से भी ठीकठाक संबंध हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा वर्तमान में पटना साहिब (बिहार) से भाजपा सांसद है। जिस तरह से उन्होंने बागी तेवर अपनाए हैं, उससे उनका टिकट कटना तय है। सपा सूत्रों का कहना है कि उन्हें यूपी से चुनाव लड़ाया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में बात किए जाने पर सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव से शत्रुघ्न सिन्हा ने शिष्टाचार भेंट की थी। अगर कोई और बात होती तो हर बार की तरह हम लिखित में ही इसे मीडिया को भिजवा देते।