लखनऊ में शतरंज के महान खिलाड़ी विश्व नाथन आनंद के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ
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तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 28 जुलाई से 10 अगस्त तक होने वाले 44वें शतरंज ओलंपियाड की मशाल रविवार शाम लखनऊ पहुंची। विधानसभा के समक्ष आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मशाल की अगवानी की। इस समारोह में देश के महानतम शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के अलावा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहे। इस मौके पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान योगी और विश्वनाथन आनंद ने प्रतीकात्मक रूप से शतरंज का लुत्फ भी उठाया।
सीएम योगी ने कहा, ''हम सबके लिए आज का दिन अत्यंत गौरव वाला है। जब शतरंज ओलंपियाड 2022 की मशाल रैली का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभारंभ किया है। यह आयोजन तीन दशक में भारत में पहली बार हो रहा है। पहली बार भारत में मशाल यात्रा का आयोजन हो रहा है। विश्व शतरंज महासंघ की ओर से अब शतरंज मशाल भारत से शुरू होना बड़ी पहल है। भारत से शतरंज का 5000 साल से पुराना नाता हैं। यह खेल हमें धैर्य और अनुशासन सिखाता है। साथ ही ऐसे खेल से निर्णय लेने की शक्ति विकसित होती है।''
शतरंज ओलंपियाड की मशाल प्रदेश में मेरठ वाया आगरा वाया कानपुर से होते हुए रविवार शाम छह बजे राजधानी पहुंची। इसके बाद अमौसी, शहीद पथ, अर्जुन गंज, कैंट से होते हुए सीधे विधानसभा पहुंची। यूपी की इंटरनेशनल मास्टर वंतिका अग्रवाल मशाल को लेकर लखनऊ पहुंचीं। विधानसभा के सामने आयोजित कार्यक्रम में भारतीय शतरंज महासंघ के अध्यक्ष संजय कपूर ने सीएम योगी को मशाल सौंपी।
एक घंटे के समारोह के बाद मशाल सीधे प्रयागराज के लिए रवाना हो गई। यहां से वह वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर होते हुए राजस्थान के लिए रवाना हो जाएगी। यह तीसरा मौका होगा जब खेलों के लिए निकली मशाल यात्रा लखनऊ आएगी। पहली बार 1989 में जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी पर दिल्ली में हुए खेलों के लिए निकली मशाल यात्रा लखनऊ में आई थी। इसके बाद 2010 में दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल से मशाल यात्रा लखनऊ आई थी।