योगी सरकार ने पढ़ाई पूरी किए बिना स्कूल छोड़ने और अब तक विद्यालय न जाने वाले 6 से 14 वर्ष के बच्चों को दोबारा स्कूल लाने के लिए ‘शारदा’ (स्कूल हर दिन आएं) अभियान शुरू किया है। यह अभियान जिलाधिकारी के स्तर से चलाया जाएगा। पिछले छह वर्षों में सरकार स्कूल चलो अभियान के तहत 1.92 करोड़ विद्यार्थियों का नामांकन करा चुकी है।
निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (आरटीई) में भी ऐसे बच्चों को चिह्नित कर नामांकन कराने का प्रावधान है। इन बच्चों को दो श्रेणियों में रखा गया है। पहले, ऐसे जिनका कभी नामांकन न हुआ हो, दूसरे वह बच्चे जिनका नामांकन हुआ, पर किसी कारणवश पढ़ाई पूरी नहीं (ड्रॉप आउट) कर सके। ऐसे बच्चों के चिह्नांकन के लिए घर-घर सर्वे किया जाएगा।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2023-24 में दो चरणों में अभियान चलाया जाएगा। पहला चरण एक अप्रैल से 15 मई तक होगा, जबकि दूसरे चरण में ईंट भट्ठा, खदानों व पलायन से प्रभावित परिवारों के बच्चों को चिह्नित कर एक जुलाई से 31 जुलाई के बीच नामांकन कराया जाएगा।
इन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर चिह्नांकन से 15 दिन बाद शारदा एप पर दर्ज किया जाएगा। इनकी नियमित उपस्थिति की निगरानी नोडल शिक्षक व प्रधानाध्यापक करेंगे। स्पेशल एजुकेटर्स की ओर से हर माह 20 विद्यालयों की मॉनीटरिंग की जाएगी। यह सभी सूचनाएं शारदा एप पर अपलोड की जाएगी।