लखनऊ। इंदिरा और गोमतीनगर की करीब पांच लाख आबादी को पेयजल आपूर्ति करने वाली कठौता झील का पानी संकट चार दिन में दूर हो जाएगा। झील को पानी देने वाली शारदा सहायक नहर रविवार को लखीमपुर खीरी से चालू हो गई है। करीब एक महीने से नहर मरम्मत के कारण बंद थी।
जलकल विभाग जोन चार के अधिशासी अभियंता अमरेंद्र सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग ने मरम्मत के लिए 16 मई को नहर को 14 जून तक के लिए बंद किया था। नहर से पानी तीसरे जलकल की कठौता झील को मिलता है। जिस समय नहर बंद रहती है, उस दौरान झील में जमा पानी से ही आपूर्ति की जाती है। सिंचाई विभाग की ओर से जानकारी की दी गई कि रविवार सुबह पानी को छोड़ दिया गया है। यह चार दिन में झील तक पहुंच जाएगा। झील तक पानी पहुंचाने के लिए नहर के पानी का स्तर 5.16 मीटर तक लाना होता है। इस कारण कठौता झील तक पानी 17 या 18 जून तक ही पहुंच पाएगा। इस दौरान देवा रोड पर माती के पास बने चेकडैम के पास जलस्तर बढ़ाया जाता है, फिर वहां से पाइपलाइन के जरिये कठौता झील तक लाया जाता है।
झील में एक सप्ताह का पानी
कठौता झील में जमा पानी से अधिकतम एक महीने तक ही आपूर्ति की जा सकती है। ऐसे में यदि सिंचाई विभाग पानी न छोड़ता तो पांच लाख की आबादी को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता। पूर्व में कई बार सिंचाई विभाग ने तय समय से अधिक समय तक मरम्मत के लिए नहर बंद रखी थी, जिससे पेयजल कि किल्लत हो चुकी है और शासन के दखल के बाद नहर शुरू हुई। इस बार भी समय से नहर को छोड़े जाने को लेकर जलकल विभाग की ओर से सिंचाई विभाग को पत्र लिखे गए।
कठौता झील ।
कठौता झील ।
कठौता झील ।
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