प्रेस क्लब में लोक संस्कृति शोध संस्थान के तत्वाधान में शरद स्मृति संध्या में बोलते अमरेंद्र शा
लखनऊ। हिंदी रंगमंच और साहित्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. शरद नागर की 89वीं जयंती पर हजरतगंज स्थित प्रेसक्लब में शरद स्मृति संध्या का आयोजन किया गया। उनके व्यक्तित्व पर डॉक्यूमेंट्री बनाने की भी घोषणा की गई। कलाविद् अशोक बनर्जी ने कहा कि शरद नागर के प्रयासों से ही प्रतिवर्ष तीन अप्रैल को हिंदी रंगमंच दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई। अमरेंद्र सहाय और डॉ. एसके गोपाल ने शरद नागर से जुड़े संस्मरण साझा किए। शरद नागर की पुत्री डॉ. ऋचा नागर ने अपने पिता की स्मृतियां साझा करते हुए उनकी रचनाधर्मिता पर प्रकाश डाला। इस मौके पर ललित सिंह पोखरिया, चित्रा मोहन, मुनालश्री विक्रम विष्ट, राजवीर रतन, राकेश सिन्हा, सुभाष मिश्र, प्रदीप त्रिपाठी, आशा श्रीवास्तव, डॉ. सुधा द्विवेदी, सुरेश कुमार, मनु राय आदि लोग मौजूद रहे।
प्रेस क्लब में लोक संस्कृति शोध संस्थान के तत्वाधान में शरद स्मृति संध्या में बोलते अमरेंद्र शा