कानपुर में एटीएस की गिरफ्त में आया शाहिद जमाल सिविल लाइन इलाके के पैराडाइज अपार्टमेंट स्थित अपने घर के बेडरूम से अवैध एक्सचेंज चला रहा था। एटीएस की टीम बीएसएनएल, जियो और दूरसंचार विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर चौथी मंजिल पर उसके किराए पर लिए गए फ्लैट पर पहुंची तो बेडरूम में रखी अलमारी में चालू हालत में चार सिमबॉक्स मशीनें मिली। साथ ही, तमाम संबंधित उपकरण भी कमरे में मौजूद पाए गए। एटीएस ने शाहिद और असद के ठिकानों से 4059 सिम बरामद किए, जो एयरटेल और बीएसएनएल के हैं।
एटीएस ने जब शाहिद से सख्ती से पूछताछ की तो उसने जाजमऊ की केडीए कॉलोनी में किराए के कमरे में एक और अवैध एक्सचेंज संचालित करने की बात कबूली। ये कमरा भी उसने किराए पर लिया था, जहां चार सिमबॉक्स चालू हालत में पाए गए। उसने एटीएस के अधिकारियों को बताया कि उसका साथी असद भी अपने घर पर एक्सचेंज चलाता है। एटीएस ने असद के सीसामऊ स्थित जरीब चौकी में नवाब साहब के हाता में छापा मारा तो उसके कमरे में भी चार सिमबॉक्स चालू हालत में पाए गए। शाहिद ने पूछताछ में बताया कि सिमबॉक्स और संबंधित उपकरण उसका मुंबई का पुराना साथी नाजिम खां कोरियर के माध्यम से भेजता है। नाजिम ने उसे एक लैपटॉप भी भेजा था, जिसे एनीडेस्क नामक रिमोट एप्लीकेशन के जरिए चालू किया गया। नाजिम ही सारे सिमकार्ड को रिचार्ज कराता था।
टेलीग्राम एप के जरिए करते थे संपर्क
पूछताछ में सामने आया कि शाहिद, असद और नाजिम खां टेलीग्राम मोबाइल एप के जरिए आपस में बातचीत करते थे। शाहिद और असद के कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में नाजिम कमीशन और अन्य खर्चों के लिए पैसा जमा कराता था। नाजिम के इशारे पर कानपुर का जीटी रोड निवासी मनीष शर्मा, पटना का रवि कुमार व अन्य सिमकार्ड का पार्सल लाकर देते थे।
शाहिद का पुराना पार्टनर है नाजिम
अवैध एक्सचेंज गिरोह का सरगना नाजिम खां उर्फ नाजिम पटेल मुंबई के शिवाजीनगर का रहने वाला है। वह शाहिद जमाल का पुराना पार्टनर है। दोनों को अवैध एक्सचेंज संचालित करने के आरोप में वर्ष 2017 में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। जमानत पर छूटने के बाद शाहिद ने कानपुर आकर नाजिम के साथ फिर से अवैध एक्सचेंज चलाना शुरू कर दिया।