लखनऊ। एसजीपीजीआई में मंगलवार को हेपेटोलॉजी विभाग की शुरुआत होगी। ओपीडी 19 फरवरी से चलेगी। इससे लिवर की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को गुणवत्तापरक चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। साथ ही यहां से नए हेपेटोलॉजिस्ट तैयार हो सकेंगे।
प्रदेश में अभी तक किसी भी चिकित्सा संस्थान में हेपेटोलॉजी विभाग नहीं है। देश के प्रसिद्ध हेपेटोलॉजिस्ट में शामिल संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान के कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही लोगों को उम्मीद जगी थी। अमर उजाला ने 18 जनवरी के अंक में ‘पीजीआई में लिवर के मरीजों के लिए ओपीडी फरवरी से’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर विभाग खोलने की तैयारी की जानकारी दी थी। निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि मंगलवार को विभाग की शुरुआत हो रही है। 19 फरवरी से ओपीडी शुरू कर दी जाएगी।
विभाग शुरू होने के बाद लिवर प्रत्यारोपण भी शुरू करने की तैयारी है। विभाग में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लिवर ट्रांसप्लांट यूनिट तैयार कर ली गई है। इसके अलावा लिवर इंटेंसिव केयर यूनिट भी बनाई गई है। एल्बुमिन वार्ड, इंडोस्कोपी, हेपेटिक हेमोडायनेमिक लैब और लिवर संबंधित डिवाइस सुविधाएं भी मिलेंगी। उन्होंने बताया कि विभाग के शुरू होने से लिवर की बीमारियों पर नए सिरे से अध्ययन और शोध शुरू होगा। लिवर रीजनरेटेड थेरेपी, मेटाबोलिज्म एनालिसिस, स्टूल बैंक भी शुरू करने की तैयारी है। इसी तरह डीएम हेपोटोलॉजी कोर्स और कई फेलोशिप कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, जिससे देश में नए हेपेटोलॉजिस्ट तैयार हो सकेंगे।
उद्घाटन समारोह में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, सांस कौशल किशोर, मंत्री स्वाति सिंह, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी, आईएएस आलोक कुमार मौजूद रहेंगे। इस दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलेरी साइंसेज नई दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. शिव कुमार सरीन बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे।