फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसजीपीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों का अभी तक नहीं हुआ टीकाकरण, खोला मार्चा

विज्ञापन
विज्ञापन
एसजीपीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों को अभी तक कोरोना टीकाकरण में शामिल नहीं किया गया है। जबकि दूसरे संस्थानों में सभी का टीकाकरण कराया गया है।
विज्ञापन

इसे लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने निदेशक को पत्र लिखकर एतराज जताया है। राजधानी में एक तरह टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाने के लिए जद्दोजहद चल रही है तो दूसरी तरफ प्रशासनिक खामियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसजीपीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों का नाम टीकाकरण सूची में शामिल ही नहीं किया गया।
16 जनवरी के बाद 22, 28 व 29 जनवरी को अभियान चला। इस दौरान किसी भी रेजिडेंट डॉक्टर का नाम सूची में नहीं आया।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने जानकारी ली तो पता चला कि उनका नाम भेजने में चूक हो गई थी। इसके बाद चार फरवरी और पांच फरवरी को भी टीकाकरण नहीं हो सका।
इससे आक्रोशित रेजिडेंट डॉक्टरों ने चार फरवरी को निदेशक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। बताया कि संस्थान के कंप्यूटर ऑपरेटर तक का टीकाकरण हो चुका हैै।
लेकिन कोविड वार्ड में ड्यूटी करने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों को सूची में शामिल नहीं किया जाना लापरवाही है। फिलहाल निदेशक ने मॉपअप राउंड में टीकाकरण कराने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन

अगले चरण में करा दिया जाएगा टीकाकरण
एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि सभी रेजिडेंट डॉक्टरों का नाम भेज दिया गया है। अगले चरण में उनका टीकाकरण करा दिया जाएगा। इस बारे में उन्हें अवगत भी करा दिया गया है।
विज्ञापन

अन्य संस्थानों में हो चुका टीकाकरण
केजीएमयू और लोहिया संस्थान में संकाय सदस्यों, कर्मचारियों के साथ ही रेजिडेंट डॉक्टरों का भी टीकाकरण कराया गया है। ज्यादातर रेजिडेंट डॉक्टरों के नाम पहले ही सूची में भेज दिए गए थे। कुछ के नाम बाद में जोड़वाए गए हैं। अभियान के दौरान अनुपस्थित रहने वालों को मॉपअप राउंड में शामिल किया जाएगा। अन्य सभी का टीकाकरण पांच फरवरी तक पूरा हो चुका है। लोहिया संस्थान मीडिया प्रभारी डॉ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि संस्थान में उन्हीं लोगों का टीकाकरण बाकी है, जो किसी कारण से शहर से बाहर थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें