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मैनहोल में नहीं उतरेंगे कर्मचारी, अब ऐसे होगी सीवर की सफाई

Wed, 13 Jun 2018 03:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सीवर की सफाई के दौरान कई हादसे हो चुके हैं - फोटो : amar ujala
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 सीवर सफाई के दौरान हादसों में सफाई कर्मचारियों की मौत पर गंभीर शासन ने अब सफाई कर्मचारियों को मैनहोल में उतारने पर रोक लगा दी है। अब सीवर की सफाई का काम सिर्फ मशीनों से ही कराया जाएगा। इसका आदेश भी शासन ने जारी कर दिया है। 
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दरअसल, मैनहोल में उतरकर सीवर सफाई के लिए कर्मचारियों को जोखिम से बचाने के लिए सुरक्षा उपकरण दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन ऐसा होता नहीं। नियमित सफाई कर्मचारियों के अलावा संविदा और ठेके पर काम करने वाले मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मैनहोल में उतार दिए जाते हैं।

इससे हर साल कर्मचारियों को जान गंवानी पड़ती है। बीते माह इंदिरा नगर में एक मजदूर की जान इसी लापरवाही के कारण चली गई। बिना सुरक्षा उपकरण दिए ही ठेकेदार ने मैनहोल में उतार दिया और जहरीली गैस ने उसकी जान ले ली। लगातार हो रहे हादसों पर ही शासन ने यह रोक लगाई है।
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जलकल महाप्रबंधक एसके वर्मा ने बताया कि शासन के आदेश के बाद अब सीवर सफाई मशीन (जेेटिंग मशीन) से ही सफाई  कराई जाएगी। जलकल के पास छह बड़ी ट्रक माउंटेड मशीनें हैं। ये पर्याप्त हैं। शहर में कुल आठ जोन हैं, उनमें अभी जोन पांच में सीवर लाइन ही नहीं है। जोन आठ में भी अभी कुछ हिस्से में ही बड़ी सीवर लाइन है।

गलियों में मशीन की जरूरत नहीं

सीवर - फोटो : amar ujala
जलकल महाप्रबंधक का कहना है कि पतली गलियों में बड़ी सीवर लाइन नहीं होती है। वहां पर ब्रांच लाइन ही होती है। उनकी सफाई बांस की खपच्ची से बाहर से ही की जाती है। ऐसे में गलियों के लिए किसी छोटी मशीन की जरूरत नहीं होती है।

जलकल के ही सूत्रों का कहना है कि अभी मशीनों से सफाई बहुत कम कराई जाती है। मैनहोल सफाई का ठेका दिया जाता है। हर महीने इस पर लाखों रुपये खर्च होते हैं। इसमें सुपरवाइर से लेकर जोनल अभियंता तक को सुविधा शुल्क मिलता है।

काम भी वही ठेकेदार करते हैं जो उनके करीबी होते हैं। मशीनों का उपयोग किया जाए तो ठेके की जरूरत ही न पड़े। ठेेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए ही कई बार मशीनों को खराब बताकर ठेेका दे दिया जाता है।
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यहां देखें, सीवर सफाई के दौरान हुए कुछ हादसे

सीवर की सफाई के दौरान हुए कई हादसे - फोटो : amar ujala
सीवर सफाई के दौरान हुए कुछ हादसे 
- साल 2011 में मार्टिनपुरवा में सीवर लाइन सफाई के दौरान दो सगे भाइयों की मौत  
- साल 2012 में दौलतगंज के सज्जादबाग कॉलोनी में दौरान दो सफाई कर्मियों की मौत 
- साल 2015 में जानकीपुरम के छुइयापुरवा चौराहे पर ट्रंक सीवर लाइन में गिरने से जलकल के दैनिक वेतन कर्मचारी की मौत 
- साल 2016 में इंदिरा नगर सी ब्लॉक में सीवर सफाई के दौरान कर्मचारी की मौत 
- साल 2018 में इंदिरा नगर क्षेत्र की पिकनिक स्पॉट रोड पर सीवर सफाई के दौरान मजदूर जलील की मौत 

आदेश का होगा पालन
शासन के आदेश का पूरी तरह पालन किया जाएगा। आदेश आने के बाद सभी जोनल अभियंताओं को इसे जारी भी कर दिया गया। अब सीवर लाइन की सफाई के लिए किसी कर्मचारी को मैनहोल में नहीं उतारा जाएगा। यह काम सिर्फ मशीनों से किया जाएगा। - एसके वर्मा, महाप्रबंधक जलकल
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