लखनऊ। दहेज हत्या के मामले में एडीजे कोर्ट ने विवाहिता के पति पवन कुमार प्रजापति उर्फ सुखरंजन को सात साल की कैद और तीस हजार के जुर्माने से दंडित किया है। सुनवाई के दौरान मामले के आरोपी ससुर राम प्रकाश प्रजापति की मौत हो गई थी।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने बताया कि वादी नन्हा ने मोहनलालगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि बेटी मनीषा की शादी 10 जून 2017 को पवन कुमार प्रजापति उर्फ सुखरंजन के साथ हुई थी।
शादी के मंझवानी प्रकाश वादी पर एक बीघा जमीन देने का दबाव बनाते थे। बाइक व सोने की चेन की भी मांग करते थे।
आरोप लगाकर कहा गया कि 2 नवंबर 2017 को पवन के बड़े भाई नोखेलाल ने फोन पर सूचना दी कि मनीषा की मौत हो गई है।
वादी जब मौके पर गया तो पाया कि मनीषा के शरीर पर चोट के निशान और छाले पड़े हुए थे। पुलिस ने विवेचना के बाद पवन कुमार और राम प्रकाश के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।