किशोरी का अपहरण कर दुराचार की कोशिश के 22 साल पुराने में कोर्ट का फैसला आया है। विशेष न्यायाधीश अनुरोध मिश्र ने दिनेश कुमार को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
इसके अलावा मामले के अन्य आरोपी अतीक व जमाल अहमद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट में सरकारी वकील सुनीता यादव और ए अरविंद मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की मां ने जिलाधिकारी को शिकायती अर्जी दी थी।
इस पर थाना सरोजनीनगर में 22 दिसंबर 2000 को रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें बताया गया था कि दिनेश अन्य आरोपी अतीक की मदद से वादिनी की 15 वर्षीय बेटी को तीन जनवरी 2000 को बहला फुसलाकर भगा ले गया था।
शाम को वह मजदूरी कर घर लौटी तो पड़ोसियों से घटना की जानकारी पता चली थी। वादिनी ने सरोजनीनगर थाने में मामले की शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी।
करीब सालभर बाद जिलाधिकारी को अर्जी देकर गुहार लगाई। इसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया था।