न्यायालय ने अभियुक्त पर अर्थदंड भी लगाया
रायबरेली। न्यायालय ने दुराचार के एक मामले में दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चार हजार एक सौ रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला एससी-एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रामकृपाल ने शनिवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने कोतवाली लालगंज में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 14 नवंबर 2012 की शाम करीब पांच बजे वादी की बेटी नित्यक्रिया के लिए गई थी, तभी अभय ने उसकी बेटी के साथ दुराचार किया।
विरोध करने पर बेटी के साथ मारपीट की और जातिसूचक अपमान किया। पुलिस ने विवेचना के बाद अभय के खिलाफ दुराचार समेत अन्य धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभय को सात वर्ष के सश्रम कारावास व चार हजार एक सौ रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।