आम्रपाली ग्रुप के मददगारों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 2010 से 2012 के बीच नियमों को दरकिनार कर ग्रुप को मदद पहुंचाने वाले नोएडा व ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसरों को ईडी ने पूछताछ के लिए तलब किया है। इसमें नोएडा अथॉरिटी के पूर्व सीईओ मोहिंदर सिंह भी शामिल हैं।
आरोप है कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों ने 45 हजार करोड़ रुपये का बकाया होने के बाद भी आम्रपाली ग्रुप को जमीनों का आवंटन किया। बकाया पैसा निकलवाने के लिए कोई कोशिश भी नहीं की गई। अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने नीचे के अधिकारियों पर ग्रुप के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई करने से रोके रखा। अब ईडी ने अथॉरिटी के पूर्व सीईओ मोहिंदर सिंह, ओएसडी रहे मनोज राय और यशपाल त्यागी, जीएम स्तर के तीन व एजीएम स्तर के एक अधिकारी को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। इन सब से इसी सप्ताह पूछताछ शुरू होगी।
जांच एजेंसी को यह भी पता लगा है कि कई अधिकारियों ने अपने परिवार के लोगों के नाम पर आम्रपाली योजना में फ्लैट ले रखे हैं। इनकी भी जांच हो रही है। आम्रपाली ग्रुप द्वारा निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में ईडी कर रहा है। कोर्ट ने ही ऐसे अधिकारियों को चिह्नित कर कार्रवाई करने के लिए कहा था जिनकी मिलीभगत से ग्रुप ने निवेशकों के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा किया। मामले में ग्रुप के चार निदेशक, मुख्य वित्त अधिकारी, ऑडिटर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।