कानपुर के सिद्धनाथ घाट पर गुरुवार रात गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलटने से डूबे सभी सात लोगों की मौत हो गई और सबके शव शुक्रवार को गोताखोरों ने निकाल लिए। छह शव घटनास्थल से 100 मीटर की दूरी पर और एक युवती का शव डेढ़ किमी दूर ड्योढ़ी घाट पर मिला। अब हादसे में मरने वालों की संख्या नौ हो गई।
बता दें कि दो लोगों के शव गुरुवार रात ही निकाल लिए गए थे। इधर, शव को सील करने में पैसे लेने से नाराज मुहल्ले वालों ने हैलट इमरजेंसी में हंगामा किया। इसके बाद मुआवजे की मांग करते हुए हैलट के सामने जीटी रोड जाम कर दी। अफसरों के भरोसा देने पर जाम खत्म हुआ।
चकेरी के शिवकटरा मुहल्ले के निवासी सिटी बस चालक राजेश अग्रवाल के घर गणेश प्रतिमा स्थापित हुई थी। विसर्जन के लिए गुरुवार रात राजेश, परिजन और मुहल्ले के करीब 55 लोग बस से सिद्धनाथ घाट पहुंचे थे। वहां एक छोटी नाव पर 12 लोग प्रतिमा लेकर गंगा की बीच धारा में चले गए और तभी नाव पलट गई थी।
गोताखोरों की मदद से रात में तीन लोग निकाल लिए गए थे जिसमें दो ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। बाकी लोगों की तलाश में शुक्रवार सुबह पीएसी की स्पेशल डिजास्टर रेस्क्यू फोर्स, उन्नाव और कानपुर के करीब 25 गोताखोर नदी में उतारे गए।