चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के निर्देश पर राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे 15 चिकित्सकों की सेवाएं कर दी गई है। असिस्टेंट प्रोफेसर व लेक्चरर के रूप में कार्यरत यह चिकित्सा शिक्षक लंबे समय से अनधिकृत रूप से सेवा से अनुपस्थित चल रहे थे।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने बुधवार को बताया कि यह 15 चिकित्सा शिक्षक राजकीय मेडिकल कालेज, आगरा, कन्नौज, गोरखपुर, कानपुर, जालौन और हृदय रोग संस्थान कानपुर में कार्यरत थे। सभी लंबे समय से मेडिकल कालेज से लापता थे। इन चिकित्सा शिक्षकों की सेेवाएं समाप्त करने से खाली हुए पदों पर नियुक्तियां की जा सकेंगी। इससे आमजन को और बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने बताया कि ऐसे कुल 31 चिकित्सा शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शासन ने की है। बचे हुए 16 चिकित्सा शिक्षकों की सेवाएं समाप्त किए जाने की कार्रवाई अंतिम चरण में है।