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Lucknow: स्वास्थ्य विभाग पर तबादलों का साइड इफेक्ट, अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी से प्रभावित हो रहीं सेवाएं

Sun, 17 Jul 2022 02:39 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों में एक अस्पताल से तीन से छह चिकित्सकों को स्थानांतरित कर दिया गया है। लेकिन जिस विधा के डॉक्टर का स्थानांतरण किया गया, उसकी जगह दूसरे को नहीं भेजा गया। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वास्थ्य विभाग में तबादलों के साइड इफेक्ट सामने आने लगे हैं। कहीं अल्ट्रासाउंट की जांच बंद हो गई है तो कहीं नसबंदी अभियान रुक गया है। इसे लेकर महानिदेशालय में लगातार पत्र आ रहे हैं। लेकिन महानिदेशालय यह तय नहीं कर पा रहा है कि अस्पतालों के संचालन को लेकर आने वाले इन पत्रों का जवाब कैसे दिया जाए? 

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दरअसल, स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों में एक अस्पताल से तीन से छह चिकित्सकों को स्थानांतरित कर दिया गया है। लेकिन जिस विधा के डॉक्टर का स्थानांतरण किया गया, उसकी जगह दूसरे को नहीं भेजा गया। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस परेशानी पर डीएम और सीएमओ के बाद अब सीएमएस भी महानिदेशालय को पत्र लिख रहे हैं। ऐसे पत्रों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हर जिले से कोई न कोई कार्यक्रम बंद होने की सूचना आने से महानिदेशालय में हलचल मची है। 

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पीलीभीत में नसबंदी अभियान थमा, मुजफ्फरनगर में अल्ट्रासाउंड बंद
सीएमओ पीलीभीत ने महानिदेशक परिवार कल्याण को लिखे पत्र में बताया है कि जिले में महिला नसबंदी के लिए डॉ. पीके अग्रवाल और डॉ. ठाकुर दास सेवाएं दे रहे हैं। इन दोनों सर्जन का स्थानांतरण कर दिया गया। ऐसे में महिला नसबंदी का अभियान चलाना मुश्किल है। जिला महिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर की सीएमएस ने महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में बताया है कि अस्पताल के रेडियोलॉजिल्ट के दो पद पर तैनात डॉक्टर को स्थानांतरित कर दिया गया है। अब अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की जांच बंद हो गई है। इससे गर्भवती महिलाओं की जांच बंद हो गई है।

ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक की सेवाएं प्रभावित
जिला महिला चिकित्सालय बुलंदशहर की सीएमएस ने महानिदेशक को भेजे पत्र में बताया है कि यहां कार्यरत स्त्री रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण कर दिया गया है। अब संविदा पर सिर्फ एक विशेषज्ञ हैं, जिन्हें मेडिकोलीगल का अधिकार नहीं है। इससे ओपीडी, इमरजेंसी, और मेडिकोलीगल की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। वहीं, महराजगंज के सीएमओ ने महानिदेशक को भेजे पत्र में बताया है कि अस्पताल से 15 चिकित्सक स्थानांतरित किए गए हैं, जबकि यहां सिर्फ तीन भेजे गए हैं। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
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