खास बात ये है कि अभी तक मामले में एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। यही नहीं, परिवार का आरोप है कि जिन पुलिसकर्मियों ने मोहित की पिटाई की थी, उनकी पहचान भी उजागर नहीं की गई है। डीसीपी का कहना है कि विवेचना में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मोहित पांडेय के दोस्त राहुल ने इस मामले में एक विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल का कहना है कि आदेश के चाचा विधायक के लिए ठेकेदारी करते हैं। उनके कहने पर विधायक ने तत्कालीन इंस्पेक्टर चिनहट अश्वनी चतुर्वेदी को फोन किया था। दबाव में आकर मोहित की पिटाई कर लॉकअप में डाल दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि पुलिस को आदेश के फोन से बातचीत का एक ऑडियो मिला है। इसके बारे में पुलिस जांच कर रही है।
पीड़ित परिवार से सोमवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दाेषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बोले, मैं हर परिस्थिति, हर कदम पर पीड़ित परिवार के साथ हूं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने परिवार के बच्चों से भी बात की।
डीसीपी पूर्वी ने जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार को मजिस्ट्रेटी जांच के लिए पत्र भेजा है। डीएम के मुताबिक मजिस्ट्रेटी जांच की कार्रवाई की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।