मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए 12 वर्ष तक की आयु के बच्चों के अभिभावकों का वरीयता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रत्येक जनपद में ‘अभिभावक स्पेशल’ बूथ स्थापित किये जाएं। ऐसे अभिभावकों से सम्पर्क कर उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जाए। यह वैक्सीनेशन अभिभावकों के साथ-साथ इनके बच्चों की संक्रमण से सुरक्षा में उपयोगी होगा। उन्होंने इस कार्य को अभियान के रूप में संचालित किये जाने के निर्देश दिये।
जल्द उपलब्ध होंगी कई कंपनियों की वैक्सीन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा अभी 03 वैक्सीन के प्रयोग की अनुमति दी गयी है। आने वाले समय में कई अन्य वैक्सीन की उपलब्धता सम्भावित है। इसकी प्रगति पर सतत नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि वैक्सीन डोज की सुचारु उपलब्धता बनाये रखने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ग्लोबल टेण्डर जारी किया गया है। इस सम्बन्ध में यह प्रयास किया जाए कि अधिक से अधिक वैक्सीन निर्माता कम्पनियां इस कार्यवाही में प्रतिभाग करें। इसके लिए सम्बन्धित कम्पनियों के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया जाए।
जनप्रतिनिधि लोगों को करें प्रोत्साहित
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में कॉमन सर्विस सेण्टर के माध्यम से वैक्सीनेशन के लिए नि:शुल्क पंजीयन की सुविधा दी गयी है। इसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा सकें। जनप्रतिनिधि जी लोगों को जागरूक करें।