मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देशित किया है कि वरिष्ठ अधिकारी जिलों का भ्रमण कर वहां विकास व जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन की मौके पर जानकारी प्राप्त करें। वहां क्षेत्र की जनता से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुनें तथा विभिन्न योजनाओं के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त करें।
मुख्यमंत्री रविवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारी समय से उपस्थित हों। नियमित तौर पर कार्यालय में जनता से भेंट करें। अपरिहार्य कारणवश यदि कार्यालय में उपलब्ध न हो पा रहे हों तो वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किसी अन्य अधिकारी को इस कार्य के लिए नामित किया जाए।
उन्होंने जनसमस्याओं के गुणवतापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिलाधिकारी जनता की समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करें। सम्पूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) तथा थाना दिवस को और प्रभावी बनाने और इस सम्बन्ध में प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय करने का भी निर्देश दिया है। योगी ने रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था कराने तथा रैन बसेरों के संचालन में कोविड-19 से बचाव के लिए सभी प्रबंध करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य सचिव आरके तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेश सी अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
वाराणसी व अयोध्या की योजनाओं पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वाराणसी में मल्टी मोडल टर्मिनल के मार्ग पर आवागमन को सुगम व सुचारू बनाने के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही अयोध्या में विभिन्न विकास योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित किया जाए।